फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP High Court: Electricity charges will not be collected from large and medium industrial consumers at more th

HP High Court: 'बड़े और मध्यम औद्योगिक उपभोक्ताओं से बिजली शुल्क 16.5 फीसदी से अधिक नहीं वसूला जाएगा'

Tue, 29 Jul 2025 02:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 29 Jul 2025 02:11 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने लक्ष्मी स्टोन क्रशर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़े और मध्यम औद्योगिक उपभोक्ताओं से बिजली की बढ़ी हुई दरें वसूलने पर अंतिम रोक लगा दी है।

विज्ञापन
HP High Court: Electricity charges will not be collected from large and medium industrial consumers at more th
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने लक्ष्मी स्टोन क्रशर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़े और मध्यम औद्योगिक उपभोक्ताओं से बिजली की बढ़ी हुई दरें वसूलने पर अंतिम रोक लगा दी है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने यह आदेश हिमाचल प्रदेश बिजली शुल्क अधिनियम 2009 की धारा 11 की उप धारा 2 के उल्लंघन करने पर दिए हैं। अदालत ने प्रतिवादियों को विस्तृत जवाब दायर करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी। खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि 11 फीसदी से 25 फीसदी और फिर 37.5 फीसदी तक की वृद्धि प्रथमदृष्टया अधिनियम की धारा 11 की उप धारा 2 के विपरीत प्रतीत होती है। कोर्ट ने राज्य सरकार और विद्युत बोर्ड लिमिटेड को मध्यम और बड़े उद्योगों से 16.5 फीसदी से अधिक बिजली शुल्क एकत्र करने से रोक दिया है।

विज्ञापन


सरकार की बढ़ी हुई दरों के कारण उद्योगों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि 20 जुलाई 2017 से बड़े और मध्यम औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली शुल्क की दर 11 फीसदी निर्धारित की गई थी। हालांकि 1 सितंबर 2023 को एक अधिसूचना के माध्यम से इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया गया और फिर 18 जनवरी 2024 की एक अनया अधिसूचना के माध्यम से इसे 25 से बढ़कर 37.5 फीसदी कर दिया गया। याचिका में तर्क दिया गया है कि यह वृद्धि हिमाचल प्रदेश बिजली शुल्क अधिनियम 2009 की धारा 11(2) का सीधा उल्लंघन है। यह धारा राज्य सरकार को अधिसूचना के माध्यम से बिजली शुल्क की दरों को संशोधित करने की अनुमति देता है, लेकिन किसी भी एक बार में पूर्व में निर्धारित दरों के 50 फीसदी से अधिक की वृद्धि की अनुमति नहीं देती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed