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HP High Court: उचित मूल्य की 10 राशन दुकानों को बंद करने के फैसले पर रोक

Thu, 02 Feb 2023 11:37 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 02 Feb 2023 11:37 AM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने उचित मूल्य की 10 दुकानों को बंद करने के निर्णय पर संज्ञान लिया है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने राज्य सरकार इस फैसले के अमल पर रोक लगा दी है। 

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HP High Court: Ban on the decision to close 10 fair price ration shops in himachal
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उचित मूल्य की 10 दुकानों को बंद करने के निर्णय पर संज्ञान लिया है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने राज्य सरकार इस फैसले के अमल पर रोक लगा दी है। अदालत ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव, निदेशक और जिला खाद्य नियंत्रक को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब तलब किया है। सोलन जिले के कसौली और नालागढ़ निवासी राजा राम और अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह आदेश पारित किए। उचित मूल्य की 10 दुकानदारों ने विभाग के कारण बताओ नोटिस को अदालत में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं को विभाग ने नोटिस दिया है कि क्यों न उनका लाइसेंस रद्द किया जाए। विभाग ने दलील दी है कि हिमाचल प्रदेश विनिर्दिष्ट आवश्यक वस्तु (वितरण का विनियमन) आदेश 2019 के खंड तीन और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज आदेश 1994 में किसी भी उचित मूल्य दुकानधारक या परिवार सदस्य का पंचायती राज संस्थाओं में प्रतिनिधि होने पर उचित मूल्य की दुकान को नहीं किया जा सकता है।

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याचिकाकर्ताओं के परिवार के सदस्यों का पंचायती राज संस्थाओं या शहरी निकायों में चयन होने पर यह कार्रवाई की गई है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि उक्त नियम उन्हें लागू नहीं होते हैं। वे वर्ष 1995 से उचित मूल्य की दुकानें चला रहे हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश विनिर्दिष्ट आवश्यक वस्तु (वितरण का विनियमन) आदेश केवल 2019 में ही बनाया गया। इसके प्रावधान याचिकाकर्ताओं पर लागू नहीं होते हैं। अदालत को बताया गया कि विभाग के कारण बताओ नोटिस का जवाब भी दे दिया गया है। इससे असंतुष्ट होकर विभाग ने अब इन दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया है। अदालत से गुहार लगाई है कि विभाग के इस निर्णय को रद्द किया जाए। मामले की सुनवाई चार हफ्ते बाद निर्धारित की गई है।
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चरस रखने के आरोपी की जमानत पर हाईकोर्ट ने सरकार से तलब किया जवाब
प्रदेश हाईकोर्ट ने चरस रखने के मुलजिम की जमानत पर सरकार से जवाब तलब किया है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने छह फरवरी को मामले की सुनवाई निर्धारित की है। बिलासपुर निवासी रोहित कुमार शर्मा ने हाईकोर्ट के समक्ष स्थायी जमानत के लिए याचिका दायर की है। मंडी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम की धारा 20 में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने आरोपी से 382 ग्राम चरस पकड़ी थी। मामले के अनुसार मंडी पुलिस ने पंडोह के समीप नाका लगाया था। मनाली से पालमपुर जा रही बस में आरोपी सफर कर रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से चरस पकड़ी थी। अभी आरोपी उप कारागार मंडी में न्यायिक हिरासत में है। आरोपी ने स्थायी जमानत के लिए विशेष न्यायाधीश मंडी की अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। निचली अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। आरोपी ने अदालत में दलील दी है कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए जाए।

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