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HP High Court: अनुबंध चिकित्सकों को 150 फीसदी ग्रेड पे देने के मामले में जवाब तलब

Tue, 25 Jul 2023 08:20 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 25 Jul 2023 08:20 PM IST
सार

हाईकोर्ट के समक्ष अनुबंध चिकित्सकों को 150 फीसदी ग्रेड पे देने का मामला लंबित है। 17 अप्रैल 2023 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए थे।

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HP High Court:  Answer summoned in case of giving 150 percent grade pay to contract doctors
हिमाचल  प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के अनुबंध चिकित्सकों को 150 फीसदी ग्रेड पे देने के मामले में महाधिवक्ता कार्यालय ने स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखा है। स्वास्थ्य सचिव के ध्यान में लाया गया है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।हाईकोर्ट के समक्ष अनुबंध चिकित्सकों को 150 फीसदी ग्रेड पे देने का मामला लंबित है। 17 अप्रैल 2023 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए थे। डॉक्टर आरुषी चौधरी ने हाईकोर्ट के समक्ष 150 फीसदी ग्रेड पे देने की गुहार लगाई है। याचिका के माध्यम से अदालत को बताया गया था कि याचिकाकर्ता को अनुबंध के आधार पर तैनात किया गया है। उसे प्रतिमाह 26,250 रुपये वेतन दिया जाता है जबकि समानांतर चिकित्सकों को प्रतिमाह 34,350 रुपये का वेतन दिया जा रहा है। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता को 150 फीसदी ग्रेड पे नहीं दिया जा रहा है। अदालत को यह भी बताया गया कि राज्य सरकार ने 150 फीसदी ग्रेड पे अदा करने के बाद वेतन विसंगति को दूर कर दिया है। स्पष्टीकरण के लिए अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया था, जिसके आधार पर महाधिवक्ता कार्यालय ने स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर वेतन विसंगति दूर करने का आग्रह किया है।

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बिलासपुर की कत्था भट्टी पर सरकार के जवाब से हाईकोर्ट असंतुष्ट
 प्रदेश हाईकोर्ट ने बिलासपुर की कत्था भट्टी के मामले में सरकार के जवाब से असंतोष जताया है। अदालत ने इस मामले में मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर से ताजा स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 31 अगस्त 2023 को निर्धारित की है। मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर अदालत ने जनहित में याचिका दर्ज की है। पत्र में माध्यम से आरोप लगाया गया है कि बिलासपुर जिले में देवेंद्र कुमार ने अवैध कत्था भट्टी लगाई है। आरोप लगाया गया है कि इस भट्टी के लिए खैर के पेड़ों का अवैध कटान किया जा रहा है। 28 सितंबर 2021 को अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया था। राज्य सरकार के जवाब का अवलोकन पर अदालत ने पाया कि जवाब से यह साफ नहीं हो रहा है कि देवेंद्र कुमार बिना स्वीकृति घटिया मशीनों का इस्तेमाल कर रहा है।
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सरकार ने जवाब के माध्यम से अदालत को बताया है कि देवेंद्र कुमार ने तीन बड़ी-बड़ी मशीनें लगाईं हैं। इन मशीनों की कार्यक्षमता 1500 किलोग्राम है। अदालत ने अपने आदेशों में कहा कि जब देवेंद्र कुमार को 250 किलोग्राम की मशीनें इस्तेमाल की स्वीकृति दी थी तो ऐसी स्थिति में उसकी बड़ी मशीनों को जब्त क्यों नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त अदालत ने पाया कि कत्था भट्टी मालिक को कोल्ड स्टोर बनाने की स्वीकृति दी गई है या नहीं यह भी जवाब में स्पष्ट नहीं किया गया है। जवाब में यह भी स्पष्ट नहीं है कि कत्था भट्टी मालिक के पास भट्टी चलाने की अनुमति है या नहीं। अदालत ने अपने आदेशों में कहा कि 19 जनवरी 2021 को जो दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश किया गया था उसके मुताबिक मालिक के पास भट्टी चलाने की अस्थाई अनुमति सिर्फ 31 मार्च 2023 तक ही थी। अदालत ने मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर को आदेश दिए है कि इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत के समक्ष ताजा स्टेटस रिपोर्ट दायर करें।
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