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चुनावी वर्ष में 1000 करोड़ का नया कर्ज लेगी हिमाचल सरकार, ये है मजबूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:58 AM IST
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हजारों करोड़ रुपए के कर्ज में डूबी हिमाचल सरकार ने चुनावी वर्ष में कर्मचारियों और पेंशनरों को लुभाने के लिए फिर से 1000 करोड़ रुपए का कर्ज लेने का फैसला लिया है। इस संबंध में हिमाचल सरकार ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी ने इस बारे में शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी है। हिमाचल सरकार यह लोन विकासात्मक कार्यों के नाम पर लेने जा रही है, मगर अंदरखाते सच यह है कि सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए वेतन-भत्ते जैसे लाभ देने को यह नया कर्ज लेना पड़ा है।
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यह उल्लेखनीय है कि हिमाचल सरकार ने हाल ही में कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन और भत्ते देने के लिए एक हजार करोड़ का लोन लिया था। अब दोबारा 1000 करोड़ रुपये के ऋ ण की अधिसूचना जारी करनी पड़ी है। हिमाचल सरकार ने लोन लेने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को सूचना दे दी है। राज्य सरकार अपनी प्रतिभूतियों को भारतीय रिजर्व बैंक के समक्ष गिरवी रखेगी, जिसके बाद मार्केट से लोन उठाएगी।
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सरकार इस कर्ज को आगामी 10 साल में ब्याज सहित चुकता करेगी। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश सरकार पर लगभग 37000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्जा चढ़ चुका है, जिस पर सालाना 3700 करोड़ रुपए का ब्याज देना पड़ रहा है। हिमाचल सरकार ने अपने खर्चे घटाने और आय के साधनों को बढ़ाने के लिए रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी भी बनाई थी, लेकिन इस कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार अमल नहीं कर पाई है।