स्वरोजगार के लिए कर्ज देने को उम्र का दायरा बढ़ाएगी सरकार
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हिमाचल सरकार स्वरोजगार के लिए कर्ज पर सब्सिडी देने की आयु सीमा बढ़ाने जा रही है। इसके लिए अधिकतम आयु सीमा 35 साल से बढ़ाकर 40 या 45 साल बढ़ाए जाने की तैयारी है। यह व्यवस्था हिमाचल में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का दायरा बढ़ाकर की जा रही है।
योजना में 40 लाख रुपये तक कर्ज पर 25 से 30 फीसदी पूंजी निवेश उपदान का प्रावधान है। इसके अलावा सरकार इस स्कीम के तहत 50 लाख रुपये की प्रोजेक्ट कास्ट को भी बढ़ाने की तैयारी में है।
योजना में संशोधन का यह मसौदा कैबिनेट बैठक में जाएगा। सोमवार को शिमला में आयोजित स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की 149वीं बैठक के दौरान उद्योग विभाग के प्रतिनिधि ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में अब तक 18 से 35 साल की आयु पात्रता है। 35 साल की अधिकतम आयु को बढ़ाकर 40 या 45 साल करने का विचार हो रहा है।
ऋण पर दिया जाएगा इतने फीसदी पूंजी अनुदान
उद्योग विभाग ने इसको लेकर मसौदा तैयार कर दिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद योजना में संशोधन किया जाएगा। प्रदेश में औद्योगिक विकास बढ़ाने और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने को मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू की गई है।
योजना के तहत 40 लाख के ऋण पर 25 फीसदी से 30 फीसदी की दर से पूंजी अनुदान दिया जाएगा। बैंक ऋण पर 5 फीसदी की दर से तीन साल के लिए ब्याज अनुदान मिलेगा। निजी भूमि क्रय करने पर स्टांप ड्यूटी की दर केवल तीन फीसदी रहेगी।
उद्योग की स्थापना के लिए औद्योगिक क्षेत्रों/बस्तियों में 25 फीसदी की दर से भूमि आवंटन होगा। योजना के तहत युवा अपनी रुचि, हुनर, निवेश क्षमता, तकनीकी ज्ञान, अनुभव तथा मार्केटिंग संभावना के आधार पर यह तय कर सकेंगे कि क्या व्यवसाय शुरू करना है।