पढ़िए, पंचायत चुनाव से जुड़ा सरकार का नया फरमान
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प्रदेश सरकार मैनुअल रोस्टर को बड़ी गंभीरता से ले रही है। रोस्टर तैयार है, मगर सरकार ने अब उपायुक्तों को फिर से रोस्टर की गंभीरता से जांच पड़ताल करने को कहा है। भाजपा रोस्टर को लेकर जगह-जगह हल्ला बोल रही है। इसके चलते सरकार आरक्षण रोस्टर को लेकर खामियां नहीं छोड़ना चाह रही है। संभावना लगाई जा रही है कि वीरवार से हिमाचल में एक के बाद एक उपायुक्त अपने अपने जिले का रोस्टर जारी कर देंगे।
प्रदेश में दिसंबर में पंचायतों के चुनाव होने हैं। पहले सरकार सॉफ्टवेयर से आरक्षण रोस्टर तैयार कर रही थी, लेकिन बाद में मैनुअल रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। भाजपा का आरोप है कि चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए मैनुअली रोस्टर तैयार किया जा रहा है।
पंचायत चुनाव के लिए राज्य आयोग तैयार
आज के आधुनिक युग में प्रदेश सरकार कंप्यूटर के माध्यम से रोस्टर तैयार करने की बजाय हाथ से रोस्टर तैयार कर रही है। इससे रोस्टर में गड़बड़ी की आशंका लग रही है। इसी को देखते हुए सरकार रोस्टर की बड़ी बारीकी से जांच पड़ताल करने में लगी है। वहीं पंचायत चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग तैयार है।
आयोग ने चुनाव के लिए बैलेट पेपर छपाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। हिमाचल की 3226 पंचायतों में दो चरणों में चुनाव होने हैं। पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा का कहना है कि हिमाचल में चुनाव रोस्टर तैयार है। सभी डीसी को आरक्षण रोस्टर की एक बार फिर गंभीरता से जांच पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि रोस्टर में किसी भी तरह की खामियां न हों।