सरकार सख्त, 15 दिन में लगाओ गरीबों के घरों के बाहर पट्टिका
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हिमाचल में गरीब लोगों के घरों के बाहर बीपीएल की पट्टिका न लगाए जाने पर सरकार ने सख्ती की है। पंचायतों को नोटिस जारी कर पंद्रह दिन के भीतर पट्टिका लगाने के निर्देश दिए हैं।
पट्टिका लगाने के लिए पंचायत प्रधान और सचिव दोनों की जिम्मेदारी तय की गई है। हिमाचल में अभी तक 1 लाख 200 गरीब लोगों के घरों के बाहर पट्टिका लगाए गई है। हिमाचल में गरीब परिवारों की संख्या पांच लाख से अधिक है।
हिमाचल में फर्जी गरीब लोगों को सूची से बाहर करने के लिए सरकार ने यह प्रक्रिया अपनाई है। सरकार का मानना है कि प्रदेश की पंचायतों में कई लोग ऐसे हैं, जिनकी सालाना लाखों की कमाई है। घर पक्के हैं और चार पहिया वाहन चल रहे हैं।
धांधली की आशंका के बाद सीएम ने दिए थे निर्देश
पंचायतों की मिलीभगत से इन रसूखदारों को बीपीएल सूची में शामिल किया गया है, जबकि जिन लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए वे इससे वंचित हैं। सरकार ने बजट भाषण में गरीब लोगों के घरों के बाहर गरीब परिवार की पट्टिका लगाने का फैसला लिया था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी गरीबों के चयन प्रक्रिया में उंगलियां उठाकर धांधली की आशंका जताई थी।
पंचायतों को पंद्रह दिन के भीतर गरीब घरों के बाहर बीपीएल की पट्टिका लगाने को कहा गया है। इसमें पंचायत प्रधान और सचिव की जिम्मेदारी तय की गई है। - ओंकार शर्मा, सचिव पंचायतीराज विभाग