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बेरोजगार है नेशनल गोल्ड जीतने वाला ये खिलाड़ी, सरकार नहीं कर रही मदद

Mon, 12 Dec 2016 10:57 AM IST
एसडी शर्मा/अमर उजाला, मैहतपुर (ऊना)
एसडी शर्मा/अमर उजाला, मैहतपुर (ऊना) Updated Mon, 12 Dec 2016 10:57 AM IST
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HP govt Not Giving Job to National Gold Medal Winner Vishal Bhardwaj.

कबड्डी में अपने उम्दा प्रदर्शन के बूते विदेशी सरजमीं पर तिरंगा फहराने वाले हिमाचल के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी विशाल भारद्वाज आज बेरोजगारी की कतार में खड़े हैं। बेशक राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उम्दा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटे में कई तरह के लाभ दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन ऊना जिला की लोअर पंचायत निवासी विशाल भारद्वाज का नाम तक आज तक स्पोर्ट्स कोटे में दर्ज ही नहीं किया गया।

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बकौल विशाल वह हिमाचल की ओर से दो दफा जूनियर नेशनल टीम तथा दो दफा सीनियर नेशनल टीम में खेल चुका है। ईरान के उरेमिया में 2015 को एशियन जूनियर कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता, और विदेशी सरजमीं पर तिरंगा फहराया। 20 वर्षीय विशाल के मुताबिक स्कूल स्तर से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक हुए तमाम कबड्डी मुकाबलों में उसने अपनी मेहनत के दम पर अव्वल स्थान पाया।
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विशाल बताते हैं कि उसने कबड्डी में न केवल अपने जिला एवं प्रांत का नाम चमकाया, बल्कि अपने देश का नाम भी रोशन किया। डीसी ऊना की ओर से महज पांच हजार की सहायता राशि के सिवा उसे आज तक न तो केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय ने और न ही राज्य सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद एवं प्रोत्साहन मिला।
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हरियाणा राज्य से इन्हीं के साथी खिलाड़ियों का न केवल आर्थिक मदद दी गई, बल्कि उन्हें रोजगार भी दिया गया है। कबड्डी के इस अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के दर्द को जानकर कबड्डी के खेल में अपना भविष्य तलाश रहे नौजवानों को जरूर झटका लगेगा।

स्पोर्ट्स कोटे में दर्ज नहीं खिलाड़ी का नाम: सहोड़
स्पोर्ट्स इंडिया संघ के प्रदेश सचिव पंकज सहोड़ ने दुख जताते हुए कहा कि गांव के एक नौजवान जिसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेल में देश, प्रांत का नाम रोशन किया, उसका नाम स्पोर्ट्स कोटे में दर्ज तक नहीं किया जा रहा है। सहोड़ ने राज्य सरकार से मांग उठाई कि ऐसे खिलाड़ियों न केवल सम्मानित किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें कोटे से रोजगार भी दिया जाना चाहिए।  


युवा सेवाएं खेल विभाग के निदेशक राकेश शर्मा ने कहा है कि उनके ध्यान में ऐसा कोई मामला नहीं है। उनके विभाग में लगभग डेढ़ हजार खिलाड़ियों के नाम स्पोर्ट्स कोटे में दर्ज हैं। उक्त कबड्डी खिलाड़ी का मामला मेरे ध्यान में नहीं लाया गया है।

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