शिमला का नाम श्यामला करने पर विचार कर रही सरकार, मिले सुझाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राजधानी शिमला का नाम श्यामला करने के सुझाव प्रदेश सरकार के पास आए हैं। उन्होंने कहा कि शिमला का पहले यही नाम था। उन्होंने आम जनता से अंग्रेजों की ओर से रखे गए नामों को बदले जाने पर अपने सुझाव देने को कहा।
कहा कि इसका फैसला सुझाव आने के बाद किया जाएगा। इलाहाबाद के बाद अब हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की राजधानी शिमला का नाम बदलने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा, 'अंग्रेजों के भारत आने से पहले शिमला को श्यामला के नाम से जाना जाता था।
इसका नाम बदलने की मांग पर सरकार लोगों के विचार जानेगी।' उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के बाद शिमला का नाम बदलने की मांग ने जोर पकड़ लिया।
हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि शिमला का नाम बदलने में कोई नुकसान नहीं है। विश्व हिंदू परिषद शिमला का नाम बदलने के लिए काफी समय से सरकार से मांग कर रही है। हालांकि, 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला का नाम बदलने की मांग खारिज कर दी थी।
शिमला का नाम बदलने की कोशिश न करे सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा कि जयराम सरकार शिमला का नाम बदलकर श्यामला करने की कोशिश न करे। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार के मुखिया और कांगड़ा के एक मंत्री की शिमला का नाम बदलने के संबंध में की गई टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताया है।
एआईसीसी सदस्य और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मुख्य प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने कहा कि शिमला का नाम बदलना गलत है। इससे प्रदेश पर करोड़ों का वित्तीय बोझ पड़ेगा। सरकार कोई ऐसा प्रयास करती है तो इससे उसे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।
शनिवार को जारी बयान में मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि शिमला ऐतिहासिक शहर है और प्रदेश की राजधानी हैै। इतिहास शिमला से जुड़े हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुड़गांव का नाम बदलकर गुरुग्राम किया है।