हिमाचल ने सुप्रीम कोर्ट को दी कसौली में हटाए कब्जों की जानकारी
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प्रदेश सरकार ने कसौली में अब तक हटाए गए अवैध निर्माण का पूरा ब्योरा वीरवार को सुप्रीम कोर्ट में दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक हुई कार्रवाई के फैक्ट सहित ताजा स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
टीसीपी निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई को लेकर अभी तक लिखित में कोई जानकारी नहीं पहुंची है। सर्वोच्च न्यायालय ने जो भी रिकॉर्ड मांगा होगा, उसे अगली पेशी में उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार से अवैध निर्माण में जिम्मेदार अधिकारियों के नाम मांगे थे। साथ ही प्रदेश में अवैध निर्माण रोकने की गाइड लाइन व अवैध निर्माण को गिराने को लेकर उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी सवाल पूछे थे।
जिसके बाद प्रदेश में समग्र अभियान के परियोजना निदेशक आशीष कोहली के नेतृत्व में जांच समिति का गठन किया गया। इस समिति ने 12 अधिकारियों को अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार माना है।
टीसीपी के 12 अफसरों-कर्मियों पर गिरेगी गाज
कसौली में सर्वोच्च न्यायालय ने 13 होटलों के अवैध निर्माण को हटाने के आदेश दिए थे। इन होटलों का निर्माण हटाने के दौरान पहली मई को टीसीपी अधिकारी व बेलदार पर होटल मालिक ने गोलियां दाग दी थीं, जिसमें अधिकारी की मौके पर जबकि बेलदार की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भी रिपोर्ट तलब की थी।
कसौली अवैध निर्माण पर गठित जांच समिति ने टीसीपी के छोटे 12 अफसर और कर्मचारियों को निर्माण के लिए जिम्मेदार पाया है। इस संबंध में सभी अधिकारियों की फाइल शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी के पास भेजी गई थी। अब यह फाइल निदेशालय आ गई है। निदेशालय स्तर पर जल्द ही आदेश जारी हो सकते हैं। कार्रवाई की जद्द में नगर नियोजक, सहायक नगर नियोजक समेत कनिष्ठ अभियंता तक शामिल हैं।