टैक्सी का किराया मर्जी से नहीं वसूल सकेंगे स्कूल, सरकार ने लिया ये फैसला
स्कूली विद्यार्थियों के लिए परिवहन व्यवस्था की गाइडलाइन और सख्त होगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अभिभावकों से सुझाव मांगे हैं। सरकार ने स्कूल प्रबंधनों को छात्रों के लिए स्वयं टैक्सी का इंतजाम करने को कहा है लेकिन प्रबंधन अपनी मर्जी से टैक्सी का किराया फिक्स नहीं कर सकेगा।
इसके लिए स्कूल प्रबंधन को परिवहन विभाग से भी चर्चा करनी होगी। किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय होगा। इसके आधार पर ही विद्यार्थियों से किराया लिया जाएगा।
परिवहन विभाग का मानना है कि स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारी सौंपी जाने से अभिभावकों से टैक्सी का किराया अधिक भी वसूला जा सकता है। ऐसे में परिवहन विभाग इस पर अपनी पूरी नजर रखेगा। हर तीन महीने बाद महकमा इसकी समीक्षा करेगा।
स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक होगी
यही नहीं, स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर विभाग संबंधित व्यवस्था का भी जायजा लेगा। नूरपुर में दर्दनाक बस हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने हिमाचल में स्कूलों की परिवहन व्यवस्था को बदलने का फैसला लिया है।
निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए नए नियम बनाए गए हैं। बीते सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक ने परिवहन व्यवस्था की गाइडलाइन को मंजूरी दी है। अब लोगों से इसके लिए आपत्ति और सुझाव मांगे जा रहे हैं।
सप्ताह के बाद सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी होगी। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि गाइडलाइन को लेकर अभिभावकों से सुझाव मांगे हैं। लोगों को विज्ञापन के माध्यम से भी जागरूक किया जाएगा।