फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   hp govt ask report in illegal tree cutting by forest officer at shimla.

शिमला में पेड़ कटान पर वन विभाग से सरकार ने तलब की रिपोर्ट

Thu, 17 Mar 2016 10:19 AM IST
विश्वास भारद्वाज/अमर उजाला, शिमला
विश्वास भारद्वाज/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 17 Mar 2016 10:19 AM IST
विज्ञापन
 hp govt ask report in illegal tree cutting by forest officer at shimla.
वन विभाग के एक बड़े अफसर ने मकान का प्लॉट बनाने के लिए हरे-भरे पेड़ काट डाले। - फोटो : अमर उजाला

राजधानी शिमला के बीचों बीच कुसुम्पटी के पास गोरखू लाज में अवैध रूप से पांच हरे पेड़ काटने के मामले में प्रदेश सरकार ने वन विभाग से रिपोर्ट तलब की है। ‘अमर उजाला’ की खबर पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने वन अरण्यपाल शिमला सर्कल से पूरे प्रकरण पर तुरंत विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उधर त्वरित कार्रवाई करते हुए वन अरण्यपाल ने भी बुधवार को मामले से संबंधित अधिकारियों को सीसीएस, सीसीए रूल के तहत शो काज नोटिस जारी कर दिया है।

विज्ञापन


‘अमर उजाला’ में पेड़ कटान मामले से संबंधित विस्तृत खबर छपने के बाद बुधवार को वन अरण्यपाल मौके का जायजा लेने खुद घटना स्थल पर पहुंचे। वन विभाग का दावा है कि पेड़ कटान के इस पूरे प्रकरण को 5 से 6 दिन के भीतर अंजाम दिया गया है। पेड़ों को बेहद चालाकी से काटा गया है, घटना स्थल पर पेड़ों के अस्तित्व का अनुमान लगाना तक मुश्किल है। पेड़ों के ठूंठ तक गायब करने का प्रयास किया गया है। मिट्टी और पत्थर से ठूंठ दबा दिए गए हैं।
विज्ञापन


हालांकि विभाग ने पेड़ों की लकड़ी घटना स्थल से करीब 50 मीटर नीचे बरामद कर दी है और दोषियों के खिलाफ डेमेज रिपोर्ट भी काट दी है। घटना स्थल पर एक प्लाट से दो और एक प्लाट से तीन पेड़ काटे गए हैं। वन विभाग का दावा है कि 13 मार्च को पेड़ कटान की शिकायत मिलने के बाद 14 और 15 मार्च को कार्रवाई की गई है। दो अलग अलग मामलों में विभाग ने करीब एक लाख रुपये की डेमेज रिपोर्ट काटी गई है। मामले की गहनता से जांच के लिए फोटाग्राफी भी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई तो होगी कार्रवाई : नागर
पेड़ कटान मामले की गहनता से जांच की जा रही है। प्रकरण में यदि वन विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता या लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - आलोक प्रेम नागर वन अरण्यपाल, शिमला सर्कल

जांच के बाद एमसी कोर्ट में पेश होगा चालान
कुसुम्पटी के पास गोरखू लाज में अवैध रूप से पांच हरे पेड़ काटने के मामले में वन विभाग हर पहलु की विस्तार से जांच करने के बाद नगर निगम कोर्ट में चालान पेश करेगा। वन अरण्यपाल आलोक प्रेम नागर का कहना है कि यह बेहद गंभीर मामला है डीआर काटने के बाद मामला खत्म नहीं हो जाता। एमसी एक्ट में अवैध पेड़ कटान को लेकर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।


जांच के बाद कई हो सकते हैं बेनकाब
कुसुम्पटी में अवैध पेड़ कटान का मामला प्रकाश में आने के बाद सरकार की सक्रियता से शहर में पिछले लंबे समय से चोरी छिपे चल रहे पेड़ कटान के अन्य मामलाें का भी खुलासा होने की उम्मीद जगी है। शहर में दर्जनों प्राइवेट प्लाटों पर पेड़ होने के कारण मकानों के नक्शे पास नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में आपसी मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के चलते चोरी छिपे हरे पेड़ों पर जमकर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed