एम्स के लिए हिमाचल में मिली जमीन
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हिमाचल में ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट (एम्स) खोलने के लिए मंडी शहर से चार किलोमीटर दूर तल्याढ़ गांव में 1050 बीघा सरकारी जमीन मिल गई है।
प्रस्ताव के साथ जमीन का मानचित्र भी लगाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने 16 सितंबर को इसे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन को भेजा है। स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ने मंत्रालय से एक्सपर्ट टीम भेजकर जमीन का मुआयना कराने का आग्रह भी किया है ताकि भविष्य में कोई आपत्ति न खड़ी होने पाए।
कौल सिंह ठाकुर ने दस दिन पहले किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य 10 जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजा था। उन्होंने एम्स के लिए हजार बीघा से अधिक जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा था।
अभी तक किसी भी जिले से जमीन का प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया। सबसे पहले मंडी के उपायुक्त ने 1050 बीघा सरकारी जमीन उपलब्ध होने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा। प्रस्ताव के साथ उपायुक्त ने जमीन का मानचित्र भी लगाया है। उस प्रस्ताव के आधार पर कौल सिंह ने 16 सितंबर को मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा।
मंत्रालय ने रखी थी ये शर्त
हिमाचल प्रदेश ने टांडा मेडिकल कॉलेज और मंडी स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव को बीते अगस्त के तीसरे सप्ताह मंत्रालय ने खारिज कर दिया था।
साथ ही नई शर्त रखी थी कि एम्स के लिए मंत्रालय को हजार बीघा से अधिक जमीन चाहिए। कांग्रेस का एक गुट मंडी में एम्स चाहता है, दूसरा कांगड़ा के लिए ताकत झोंक रहा है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर हमीरपुर में एम्स लाने की बात कह रहे हैं, कुछ भाजपाई कांगड़ा और मंडी की पैरवी कर रहे हैं। भाजपा के एक नेता मंच से शिमला में एम्स लाने की पैरवी कर चुके हैं।
राजस्व एवं स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुरने कहा कि हिमाचल के किसी भी जिले में एम्स खुलना चाहिए। सभी जिलों से जमीन की मांग की गई थी, लेकिन महज मंडी से ही प्रस्ताव आया है। इसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेज दिया गया है।