{"_id":"659f8f17272bea1f290f4723","slug":"hp-electricity-board-employees-roared-demanding-reinstatement-of-ops-and-removal-of-md-from-the-post-2024-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: बोर्ड कर्मियों और अभियंताओं ने निशुल्क बिजली लेने से किया इन्कार, प्रदर्शन में किया एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: बोर्ड कर्मियों और अभियंताओं ने निशुल्क बिजली लेने से किया इन्कार, प्रदर्शन में किया एलान
Thu, 11 Jan 2024 07:24 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 11 Jan 2024 07:24 PM IST
सार
बिजली बोर्ड की कमजोर होती वित्तीय हालत सुधारने के लिए गुरुवार को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में हुए प्रदर्शन के दौरान यह ऐलान किया गया।
विज्ञापन
कुमार हाउस में गरजे बिजली कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और अभियंताओं ने प्रतिमाह घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली 125 यूनिट की निशुल्क बिजली को लेने से इन्कार कर दिया है। बिजली बोर्ड की कमजोर होती वित्तीय हालत सुधारने के लिए गुरुवार को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में हुए प्रदर्शन के दौरान यह ऐलान किया गया। कर्मचारियों ने हाथ उठाकर संयुक्त संघर्ष समिति के इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि जिन लोगों को सही मायनों में सब्सिडी की आवश्यकता है, उन्हें तलाश कर सरकार मदद करे। अन्य लोगों के लिए इस योजना को बंद किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने ओपीएस कम बैक और आईएएस गो बैक के नारे लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
विज्ञापन
बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और इंजीनियरों की संयुक्त संघर्ष समिति ने वीरवार को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला के परिसर में पुरानी पेंशन बहाली और प्रबंध निदेशक को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे कर्मचारियों, अभियंताओं और पेंशनरों ने प्रदर्शन में भाग लिया। विद्युत पेंशनर्ज फोरम तथा बिजली बोर्ड पेंशन एसोसिएशन ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया।
विज्ञापन
राज्य स्तरीय प्रदर्शन को संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंजीनियर लोकेश ठाकुर, सह संयोजक हीरालाल वर्मा, कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कामेश्वर शर्मा, पेंशनर फोरम से चंद्र सिंह मंडयाल, तकनीकी यूनियन के अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा, सुनील ग्रोवर और कुलदीप खरवाड़ा ने संबोधित किया। कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों ने बिजली बोर्ड की बिगड़ती वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए इसके कारणों पर चर्चा की। प्रदेशभर से आए कर्मचारियों और अभियंताओं के बीच प्रस्ताव रखा गया कि बिजली कर्मचारी व अभियंता 125 यूनिट तक निशुल्क बिजली नहीं लेंगे।
विज्ञापन
यूनियनों ने एकमत होकर कहा कि प्रदेश में एक ऐसा वर्ग है जिसको इस बिजली की सब्सिडी की जरूरत रहती है, इनको इसे और बेहतर तरीके से दिया जा सकता है लेकिन बहुत बड़ा वर्ग ऐसा भी जिसमें बिजली कर्मचारी भी आते हैं, जिन्हें निशुल्क बिजली की आवश्यकता नहीं रहती है। प्रदर्शन को कर्मचारी और अभियंता की राष्ट्रीय समन्वय समिति के अध्यक्ष इंजीनियर शैलेन्द्र दुबे ने भी समर्थन दिया।
मुख्यमंत्री ने 18 जनवरी को बैठक के लिए बुलाई संघर्ष समिति
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संघर्ष समिति को 18 जनवरी को वार्ता के लिए बुलाया है। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय से यह संदेश आया। इसके बाद समिति ने सचिवालय की ओर मार्च की जगह चौड़ा मैदान की ओर रैली के रूप में प्रस्थान किया और अपने प्रदर्शन को आगामी बैठक तक स्थगित किया। समिति के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार मामले की गंभीरता को समझेगी और इस बैठक के परिणाम अवश्य सकारात्मक निकलेंगे। उन्होंने कहा कि यदि पुरानी पेंशन की बहाली नहीं होती है और स्थाई प्रबंध निदेशक नहीं मिलता है तो आंदोलन जारी रहेगा। अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो ब्लैक आउट तक की नौबत आ सकती है।