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शिक्षा विभाग ऐसे रोकेगा छात्राओं से छेड़छाड़ की घटनाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:17 PM IST
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सूबे के सरकारी और निजी स्कूलों में अब हर रोज मॉर्निंग असेंबली में नारी सम्मान का पाठ पढ़ाया जाएगा। शिक्षकों और छात्रों को नारी सम्मान की शपथ दिलाई जाएगी। छात्र और शिक्षक शराब, धूम्रपान और नशे से दूर रहने की शपथ भी लेंगे। कॉलेजों में भी यह शपथ दिलाई जाएगी।
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राज्य महिला आयोग के आदेश के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को सभी प्रिंसिपलों और जिला उपनिदेशकों को इसके लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक बीएल विंटा ने कहा ये एक अच्छी शुरूआत होगी।
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प्रदेश के स्कूलों में बीते कुछ समय से छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ीं हैं। गुरु-शिष्य का रिश्ता कलंकित होने की घटनाओं पर राज्य महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लेकर स्कूलों, कॉलेजों में शिक्षकों और छात्रों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने के आदेश दिए हैं।
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छात्रों, शिक्षकों के अलावा छात्राओं और शिक्षिकाओं को यह शपथ दिलाई जाएगी कि समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव सहन नहीं किया जाएगा। आसपास हो रहे किसी भी तरह के उत्पीड़न और हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाएगी।
समाज में दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराइयों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जाएगा। स्वयं के खिलाफ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा पर चुप नहीं रहेंगे। 18 साल से कम आयु की बालिकाओं की शादी नहीं होने देंगे। सब मिलकर अपने प्रदेश और राष्ट्र को विकसित करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
ऐसे ली जाएगी शपथ
मैं (नाम) दृढ़ता एवं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूं कि महिलाओं के प्रति सदैव सहिष्णुता भाव रखूंगा और उनके प्रति किसी भी प्रकार का हिंसात्मक व्यवहार नहीं करूंगा। मैं छात्राओं और महिलाओं को विद्यालय एवं समाज में सुरक्षा तथा यथोचित सम्मान दूंगा। मैं महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार का लिंग भेद नहीं करूंगा। उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहूंगा। संकट की घड़ी में मैं प्रशासन को तुरंत सूचित करूंगा। मैं (नाम) यह भी प्रतिज्ञा करता हूं कि मद्यपान, धूम्रपान अथवा किसी भी प्रकार के अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करूंगा। अन्य लोगों को भी इन पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करता रहूंगा।