अब साइबर सेल रखेगा फेसबुक-ट्विटर पर नजर, पुलिस ने लिया फैसला
हाल में मुख्यमंत्री को फेसबुक पर जान से मारने की धमकी दिए जाने के बाद हिमाचल पुलिस ने यह निर्णय लिया है। इसके तहत साइबर सेल न सिर्फ ठगी व अन्य तरह के साइबर अपराधों की जांच करेगा, बल्कि उसे सोशल मीडिया की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी।
डीआईजी साइबर सेल विनोद कुमार धवन ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि करीब डेढ़ साल भर पहले गठित हुए साइबर सेल की निगरानी का दायरा बढ़ाने की कवायद की जा रही है। इसके तहत साइबर विंग अब सोशल मीडिया की गतिविधियों की निगरानी भी करेगी।
इसलिए लेना पड़ा फैसला
सूत्रों के अनुसार हाल में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जान से मारने की धमकी दी गई थी, लेकिन इसकी भनक पुलिस को तब लगी, जब वह सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल हो गई।
पुलिस इसे बड़ी चूक मानते हुए सोशल मीडिया को अपने दायरे में लाने की कोशिश में जुट गई है। यही कारण है कि सीआईडी की साइबर विंग को ही अब इसकी जिम्मेदारी दी जा रही है। हालांकि, साइबर विंग कैसे सोशल मीडिया पर निगरानी रखेगी, इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है।
दरअसल, साइबर टीम के कामकाज में अभी तक पांच लाख से ज्यादा के ठगी के मामलों की जांच का ही जिम्मा है। इससे कम के मामलों को स्थानीय पुलिस के जरिये निपटाया जाता है।
खास बात यह है कि साइबर क्राइम विंग व थाने ने काम तो शुरू कर दिया, लेकिन करीब साल भर से इसके कामकाज को लेकर बनी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को भी अप्रूव नहीं किया गया है। ऐसे में सोशल मीडिया की निगरानी का जिम्मा साइबर क्राइम विंग कैसे निभाएगी यह बड़ा सवाल है।