HP Cabinet Decisions: 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर स्टार्टअप के लिए दो लाख देगी सुक्खू सरकार
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत आवासीय को वर्ष भर आने वाले त्योहार को मनाने के लिए प्रति त्योहार 500 रुपये की अनुदान राशि भी दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की दूसरी बैठक में महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के दिशा-निर्देशों को स्वीकृति दी गई। पिछले महीने हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में एनपीएस कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने का निर्णय लिया गया था। पात्र आवासी जो 18 वर्ष के आयु पूर्ण करने के बाद अपना स्टार्ट-अप आरंभ करना चाहते हैं, उन्हें दो लाख रुपये प्रति व्यक्ति एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। दसवीं से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों को सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से कॅरिअर काउंसलिंग करवाई जाएगी। योजना के अंतर्गत आवासीय संस्थान में रहने वाले बच्चों की गुणात्मक शिक्षा का प्रावधान किया गया है। इससे उन्हें बेहतर कोचिंग, संदर्भ पुस्तकें अथवा कोचिंग सामग्री मिल सकेगी। समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के माध्यम से ऐसे बच्चों को मेंटरशिप भी प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा के लिए भी इन बच्चों को सरकार सहायता प्रदान करेगी। योजना के तहत बाल देखरेख संस्थानों को छोड़ने वाले सभी बच्चों के लिए 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद भी 21 वर्ष की आयु तक और अनाथ बच्चों के लिए 27 वर्ष की आयु तक वास्तविक दरों पर छात्रावास शुल्क और शिक्षण शुल्क देने की व्यवस्था होगी।
वहीं, अध्ययन अवधि के दौरान छात्रवृत्ति के रूप में 4,000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चे को उनके व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए सहायता राशि दी जाएगी। अनाथ बच्चों को 18 वर्ष की आयु के बाद 27 वर्ष तक देखभाल संस्थानों में आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ भोजन, आश्रय और वस्त्र भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस योजना के तहत जिन अनाथ बच्चों के नाम पर कोई भूमि नहीं है, उन्हें 27 वर्ष की आयु के बाद घर के निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि देने के साथ-साथ आवास निर्माण के लिए तीन लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। वस्त्र अनुदान के रूप में 10,000 रुपये की राशि प्रति वर्ष उनके बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी। संस्थान में रहने वाले व्यक्तियों की देखभाल के लिए अतिरिक्त गृह माता अथवा पालक की नियुक्ति का भी योजना में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत आवासीय को वर्ष भर आने वाले त्योहार को मनाने के लिए प्रति त्योहार 500 रुपये की अनुदान राशि भी दी जाएगी।