स्कूल कैंटीन में नहीं बिकेगा जंक फूड, क्यों?
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हिमाचल के राजकीय वरिष्ठ और माध्यमिक स्कूलों के परिसर के भीतर अब किसी भी प्रकार का जंक फूड नहीं बिकेगा। जिन स्कूलों में कैंटीन की व्यवस्था है, उन्हें अब ग्रीन और हेल्दी फूड ही उपलब्ध करवाना होगा।
हिमाचल सरकार ने सरकारी स्कूलों के बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उपनिदेशकों को इस बारे में सख्त निर्देश जारी किए हैं। यही नहीं स्कूल प्रबंधन को अब स्कूल प्रार्थना सभा में भी बच्चों को जंक फूड के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना होगा।
दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने जंक फूड के संबंध में प्रमाण दिए हैं कि चटपटा भोजन कई रोगों को बढ़ावा दे रहा है।
बोर्ड ने लगा दिया पूर्ण प्रतिबंध
जंक फूड के दुष्प्रभावों से अनभिज्ञ किशोर और बच्चे इसका सेवन कर विभिन्न रोगों से पीडि़त हो रहे हैं। इस पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने विज्ञान और पर्यावरण केंद्र की ओर से जारी सुझावों पर अमल करते हुए स्कूल परिसर के भीतर जंक फूड पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
जंक फूड और उसके तहत आने वाला सामान स्कूल परिसर में नहीं बिकेगा। जबकि अन्य खाद्य सामग्री बेची जा सकेगी। स्कूल परिसर में बेहतर सामग्री और सही ग्रीन फूड उपलब्ध करवाना होगा।
वहीं, परिसर में कैंटीन संचालक को उपभोक्ता सूचना प्रणाली के तहत बच्चों को बताना होगा कि वे क्या खा रहे हैं। इसके लिए लेवलिंग का सहारा लिया जाएगा, जिसमें हर चीज की सूचना होगी।