HP Assembly byelection: बड़सर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने झोंकी ताकत, भाजपा का हिंदुत्व कार्ड
प्रदेश का विधानसभा क्षेत्र बड़सर में चुनाव में स्टार प्रचारकों की दस्तक से सियासी पारा चढ़ गया है।
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हिमाचल प्रदेश का विधानसभा क्षेत्र बड़सर में चुनाव में स्टार प्रचारकों की दस्तक से सियासी पारा चढ़ गया है। अंतिम चरण के प्रचार में आरोप प्रत्यारोप की राजनीति से मुकाबला कांटे का हो गया है। 15 दिन में सीएम सुक्खू ने विस क्षेत्र में चार दौरे कर कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष चंद ढटवालिया के पक्ष में 15 से अधिक नुक्कड़ सभाओं से चुनाव प्रचार को गति दी है। कांग्रेस ने सभाओं में भीड़ जुटाकर माहौल बनाया है। कांग्रेस यहां पर मुख्यमंत्री सुक्खू के चेहरे पर मैदान में तो वहीं भाजपा हिंदुत्व और रामधुन की चुनावी रणनीति से होते हुए अब डिनोटिफाई सरकारी कार्यालयों के मुद्दे को लेकर जनता के बीच पहुंच रही है।
सीएम सुक्खू के बयानों पर सियासी पलटवार कर भाजपा प्रत्याशी इंद्रदत्त लखनपाल ने कड़ा रुख दर्शाया है।
कुल मिलाकर चुनावों में दोनों ही दलों ने चुनाव प्रचार में ताकत झोंक दी है। मुद्दों के बीच व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप की चर्चा भी प्रदेशभर में हो रही है। भाजपा की ओर से प्रत्याशी पूर्व विधायक इंद्रदत्त लखनपाल अपनी जनसंपर्क की शैली और भाजपा संगठन के बूते मैदान में है। कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष चंद ढटवालिया नुक्कड़ सभाओं में आरोप प्रत्यारोप से बचकर मुख्यमंत्री के नाम पर वोट की अपील कर रहे हैं जबकि सीएम सुक्खू भाजपा प्रत्याशी पर आक्रामक रुख अपनाए है।
भाजपा प्रत्याशी पूर्व विधायक इंद्रदत्त लखनपाल का कहना है कि भाजपा और बड़सर विधानसभा दोनों ही चार जून के बाद सत्ता में होंगे। डबल इंजन की सरकार में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार मिलकर कार्य करेगी। बड़सर उपचुनाव के साथ अन्य सीट पर भाजपा जीत हासिल कर प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है। कांग्रेस के प्रत्याशी सुभाष चंद ढटवालिया का कहना है कि पंचायतीराज से होकर विधायक के चुनाव तक पहुंचा हूं। जनता ने तय कर लिया है कि उन्हें विपक्ष का विधायक नहीं बल्कि सत्ता पक्ष का मुख्यमंत्री चाहिए। पूर्व जयराम सरकार में विपक्ष का विधायक चुनकर पांच साल तक क्षेत्र की जनता अनदेखी भुगत चुकी है अब मौका सीएम के साथ चल बड़सर को विकास पथ पर अग्रसर करने का है।