लाहौल-स्पीति विधानसभा सीट : 52 साल बाद महिला के कंधों पर जिम्मेदारी, अनुराधा राणा ने दर्ज की जीत
कांग्रेस की उम्मीदवार अनुराधा राणा ने आजाद उम्मीदवार पूर्व मंत्री डाॅ. रामलाल मारकंडा को 1786 वोट से हराया।
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हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र को 52 साल बाद महिला विधायक मिली है। कांग्रेस की उम्मीदवार अनुराधा राणा ने आजाद उम्मीदवार पूर्व मंत्री डाॅ. रामलाल मारकंडा को 1786 वोट से हराया। राजनीतिक गुरु रहे भाजपा के उम्मीदवार रवि ठाकुर तीसरे नंबर पर रहे। वह चुनाव में कहीं भी टक्कर में नजर नहीं आए। अनुराधा की जीत के लिए मंत्री जगत सिंह नेगी और सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर की मेहनत रंग लाई। इससे पहले वर्ष 1972 में लाहौल-स्पीति विस क्षेत्र से लता ठाकुर कांग्रेस से ही विधायक बनी थीं। 52 साल बाद कांग्रेस ने अनुराधा राणा पर दांव खेला और जीत दर्ज की।
उनकी जीत पर जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के लोगों में खुशी का माहौल है। हालांकि, निर्दलीय उम्मीदवार डाॅ. रामलाल मारकंडा कांग्रेस प्रत्याशी अनुराधा से 118 वोट से आगे चल रहे थे लेकिन स्पीति के 29 बूथों पर डाॅ. रामलाल मारकंडा कांग्रेस से पिछड़ गए। जैसे ही अनुराधा बढ़त के साथ जीत के करीब पहुंचीं तो केलांग में भारी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का एकत्रित होना शुरू हो गया। भाजपा उम्मीदवार पहले से ही तीसरे स्थान पर रहे। वह कई राउंड में 200 वोट भी हासिल नहीं कर पाए। तोद, तिनन और गाहर घाटी की ईवीएम जैसे खुली तो अनुराधा ने सबको पीछे छोड़ना शुरू किया। अनुराधा की जीत के बाद लाहौल से लेकर स्पीति तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।
विकास को दूंगी गति
कम समय में जनता के काम पूरे किया जाएंगे। एक-एक वोट की इज्जत रख लाहौल-स्पीति जिले के विकास को गति दी जाएगी। लाहौल-स्पीति की जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का भरपूर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय घाटी की जनता को दिया। लाहौल-स्पीति से कांग्रेस का टिकट देने के लिए उन्होंने प्रदेश और केंद्र हाईकमान का भी आभार जताया। संगठन ने उनकी जीत के लिए खूब मेहनत की।