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कोर एरिया में अनसेफ की जगह बना सकेंगे नए भवन, लागू होंगे नए नियम
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फाइल फोटो
शिमला। शहर के कोर और ग्रीन एरिया के लोगों को राहत देते हुए नगर निगम ने अनसेफ भवनों की जगह नए भवन बनाने की मंजूरी दे दी है। निगम ने नए नियमों के तहत नक्शे पास करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाल ही में निगम ने इन इलाकों से आए आवेदनों पर दो भवनों के नक्शे पास कर दिए हैं। हालांकि, नई शर्तों के अनुसार ही सभी नक्शे पास किए जा रहे हैं।
निगम प्रशासन के अनुसार यदि अनसेफ हो चुका भवन एक मंजिला है तो उसकी जगह सिर्फ एक मंजिल मकान बनाने की ही अनुमति मिलेगी। बहुमंजिला भवनों की जगह अधिकतम ढाई मंजिल भवन बनाने की मंजूरी मिलेगी। निगम प्रशासन का कहना है कि एनजीटी के दिशा निर्देश के अनुसार कोर एरिया में सिर्फ उन्हीं भवन मालिकों को नए मकान बनाने की मंजूरी दी जा रही है, जिनके भवन अनसेफ घोषित हो चुके हैं। इनमें भी सिर्फ रिहायशी भवनों के नक्शे पास हो रहे हैं। शहर के कोर एरिया में लोअर बाजार, रामबाजार, रिज, लक्कड़ बाजार मालरोड जाखू और बैनमोर आदि वार्ड आते हैं। निगम आर्किटेक्ट प्लानर राजीव शर्मा ने कहा कि नियमानुसार कोर एरिया के दो नक्शे पास किए हैं।
तीन मंजिल से ज्यादा होने पर बना सकेंगे सिर्फ ढाई मंजिला
निगम प्रशासन का कहना है कि अनसेफ भवनों की जगह ही नए भवन बन सकते हैं, वो भी सिर्फ ढाई मंजिल तक। बताया कि जिन लोगों के भवन तीन, चार या पांच मंजिला हैं, उन्हें भी सिर्फ ढाई मंजिल तक ही भवन बनाने की मंजूरी मिलेगी। शहर में सैकड़ों भवन मालिक ऐसे हैं जो नई शर्तों के कारण पुराने जर्जर बहुमंजिला भवनों को गिराना नहीं चाहते। कोर एरिया में 300 से ज्यादा पुराने जर्जर मकान हैं। ज्यादातर बहुमंजिला हैं और इनके कई मालिक हैं। अनसेफ होने के बावजूद इनकी जगह ढाई मंजिल की ही अनुमति मिलेगी। इससे मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो जाएगा। इसलिए यह लोग पुराने भवन खाली नहीं कर रहे।
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एनजीटी के निर्देशों पर दे रहे मंजूरी
नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुसार कोर एरिया में सिर्फ अनसेफ भवनों की जगह नए भवन बनाने की मंजूरी दी जा रही है। अधिकतम ढाई मंजिल तक भवनों के नक्शे पास होंगे। यदि अनसेफ भवन एक मंजिला है तो नया भवन भी एक मंजिल का ही बनेगा।
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निगम प्रशासन के अनुसार यदि अनसेफ हो चुका भवन एक मंजिला है तो उसकी जगह सिर्फ एक मंजिल मकान बनाने की ही अनुमति मिलेगी। बहुमंजिला भवनों की जगह अधिकतम ढाई मंजिल भवन बनाने की मंजूरी मिलेगी। निगम प्रशासन का कहना है कि एनजीटी के दिशा निर्देश के अनुसार कोर एरिया में सिर्फ उन्हीं भवन मालिकों को नए मकान बनाने की मंजूरी दी जा रही है, जिनके भवन अनसेफ घोषित हो चुके हैं। इनमें भी सिर्फ रिहायशी भवनों के नक्शे पास हो रहे हैं। शहर के कोर एरिया में लोअर बाजार, रामबाजार, रिज, लक्कड़ बाजार मालरोड जाखू और बैनमोर आदि वार्ड आते हैं। निगम आर्किटेक्ट प्लानर राजीव शर्मा ने कहा कि नियमानुसार कोर एरिया के दो नक्शे पास किए हैं।
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तीन मंजिल से ज्यादा होने पर बना सकेंगे सिर्फ ढाई मंजिला
निगम प्रशासन का कहना है कि अनसेफ भवनों की जगह ही नए भवन बन सकते हैं, वो भी सिर्फ ढाई मंजिल तक। बताया कि जिन लोगों के भवन तीन, चार या पांच मंजिला हैं, उन्हें भी सिर्फ ढाई मंजिल तक ही भवन बनाने की मंजूरी मिलेगी। शहर में सैकड़ों भवन मालिक ऐसे हैं जो नई शर्तों के कारण पुराने जर्जर बहुमंजिला भवनों को गिराना नहीं चाहते। कोर एरिया में 300 से ज्यादा पुराने जर्जर मकान हैं। ज्यादातर बहुमंजिला हैं और इनके कई मालिक हैं। अनसेफ होने के बावजूद इनकी जगह ढाई मंजिल की ही अनुमति मिलेगी। इससे मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो जाएगा। इसलिए यह लोग पुराने भवन खाली नहीं कर रहे।
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एनजीटी के निर्देशों पर दे रहे मंजूरी
नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि एनजीटी के दिशा निर्देशों के अनुसार कोर एरिया में सिर्फ अनसेफ भवनों की जगह नए भवन बनाने की मंजूरी दी जा रही है। अधिकतम ढाई मंजिल तक भवनों के नक्शे पास होंगे। यदि अनसेफ भवन एक मंजिला है तो नया भवन भी एक मंजिल का ही बनेगा।