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संजौली में भवन को खतरा
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बर्फबारी के बाद ढहा एक भवन का बरामदा, निगम ने दिए भवन खाली करने के निर्देश
साथ लगते अन्य भवनों को भी है खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के संजौली वार्ड के नार्थ ओक इलाके में भूस्खलन के चलते कई भवनों को खतरा पैदा हो गया है। इनमें से एक भवन का बरामदा शनिवार को ढह गया। अब इस भवन पर भी संकट मंडरा गया है। नगर निगम ने इसे खाली करने के निर्देश दिए हैं।
साथ लगे अन्य भवनों में रहने वाले लोग भी दहशत में आ गए हैं। इनमें से कुछेक ने भवन खाली करना शुरू कर दिया है। इन्हें भी भूस्खलन से खतरा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस भवन के निचली ओर एक व्यक्ति ने कुछ दिन पहले भवन निर्माण का काम शुरू किया था। इसके लिए पहले खुदाई की गई। गलत तरीके से की गई खुदाई के चलते भूस्खलन शुरू हो गया। पहाड़ी के ऊपरी तरफ बने भवन के बरामदे में बीते हफ्ते दरारें आ गई थी। शिकायत के बाद नगर निगम की वास्तुकार शाखा की टीम मौके पर पहुंची और निर्माणकार्य कर रहे व्यक्ति को काम रोकने और भूस्खलन रोकने के लिए डंगा लगाने को कहा था। लेकिन इसके बाद हुई बारिश और बर्फबारी के चलते बरामदे में पड़ी दरारों में पानी रिस गया। शनिवार को यह बरामदा ढह गया जिससे अब भवन की नींव भी खाली हो गई है।
लोगों के अनुसार आसपास के भवनों को भी खतरा है। कई जगह पुराने डंगे में दरारें पड़ गई हैं। बिजली का पोल भी ढह सकता है। नगर निगम वास्तुकार देवेंद्र मिस्टा ने कहा कि खतरे को देखते हुए भवन मालिक को खाली करने को कहा है। निर्माण करने वाले व्यक्ति को काम रोकने और डंगा लगाने को कहा था। अब मौके का निरीक्षण किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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कई भवनों पर मंडरा रहा
खतरा, महापौर बेखबर
यह इलाका महापौर सत्या कौंडल के वार्ड में आता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मेयर के घर से चंद मीटर दूर बने इन भवनों पर खतरा मंडरा रहा है लेकिन महापौर ने एक बार भी मौके का दौरा नहीं किया है। एक हफ्ते से इलाके के लोग दहशत में है लेकिन नगर निगम की ओर से कोई राहतकार्य नहीं किया जा रहा।
गुस्साए लोगों का कहना है कि उनके जीवनभर की कमाई ढह रही है लेकिन महापौर के पास मौके पर आने तक का वक्त नहीं है। मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि उन्हें इसकी सूचना नहीं है। किसी ने उन्हें इसकी शिकायत भी नहीं की है। इंजनघर से शिकायत आई थी जिसके बाद वहां मौके का दौरा किया गया। लेकिन नॉर्थ ओक इलाके में भूस्खलन की सूचना नहीं है।
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साथ लगते अन्य भवनों को भी है खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के संजौली वार्ड के नार्थ ओक इलाके में भूस्खलन के चलते कई भवनों को खतरा पैदा हो गया है। इनमें से एक भवन का बरामदा शनिवार को ढह गया। अब इस भवन पर भी संकट मंडरा गया है। नगर निगम ने इसे खाली करने के निर्देश दिए हैं।
साथ लगे अन्य भवनों में रहने वाले लोग भी दहशत में आ गए हैं। इनमें से कुछेक ने भवन खाली करना शुरू कर दिया है। इन्हें भी भूस्खलन से खतरा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस भवन के निचली ओर एक व्यक्ति ने कुछ दिन पहले भवन निर्माण का काम शुरू किया था। इसके लिए पहले खुदाई की गई। गलत तरीके से की गई खुदाई के चलते भूस्खलन शुरू हो गया। पहाड़ी के ऊपरी तरफ बने भवन के बरामदे में बीते हफ्ते दरारें आ गई थी। शिकायत के बाद नगर निगम की वास्तुकार शाखा की टीम मौके पर पहुंची और निर्माणकार्य कर रहे व्यक्ति को काम रोकने और भूस्खलन रोकने के लिए डंगा लगाने को कहा था। लेकिन इसके बाद हुई बारिश और बर्फबारी के चलते बरामदे में पड़ी दरारों में पानी रिस गया। शनिवार को यह बरामदा ढह गया जिससे अब भवन की नींव भी खाली हो गई है।
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लोगों के अनुसार आसपास के भवनों को भी खतरा है। कई जगह पुराने डंगे में दरारें पड़ गई हैं। बिजली का पोल भी ढह सकता है। नगर निगम वास्तुकार देवेंद्र मिस्टा ने कहा कि खतरे को देखते हुए भवन मालिक को खाली करने को कहा है। निर्माण करने वाले व्यक्ति को काम रोकने और डंगा लगाने को कहा था। अब मौके का निरीक्षण किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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कई भवनों पर मंडरा रहा
खतरा, महापौर बेखबर
यह इलाका महापौर सत्या कौंडल के वार्ड में आता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मेयर के घर से चंद मीटर दूर बने इन भवनों पर खतरा मंडरा रहा है लेकिन महापौर ने एक बार भी मौके का दौरा नहीं किया है। एक हफ्ते से इलाके के लोग दहशत में है लेकिन नगर निगम की ओर से कोई राहतकार्य नहीं किया जा रहा।
गुस्साए लोगों का कहना है कि उनके जीवनभर की कमाई ढह रही है लेकिन महापौर के पास मौके पर आने तक का वक्त नहीं है। मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि उन्हें इसकी सूचना नहीं है। किसी ने उन्हें इसकी शिकायत भी नहीं की है। इंजनघर से शिकायत आई थी जिसके बाद वहां मौके का दौरा किया गया। लेकिन नॉर्थ ओक इलाके में भूस्खलन की सूचना नहीं है।