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Shimla News: बिना लाइसेंस कराई जा रही है घोड़ों की सवारी
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एमसी ने रिज पर चार संचालक पकड़े
लाइसेंस न दिखाने के बाद घोड़ों के साथ लौटाए
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के रिज मैदान में घोड़ों की सवारी पर्यटकों की जान जोखिम में डालकर करवाई जा रही है। आलम यह है कि सोमवार को नगर निगम की टीम ने जब इन घोड़ा संचालकों के लाइसेंस की जांच की तो यह खामी सामने आई। इसके बाद निगम की टीम ने घोड़ा संचालकों को मौके से लौटा दिया।
राजधानी के रिज मैदान में करीब 19 घोड़ा संचालक पर्यटकों को घुड़ सवारी करवाते हैं। घुड़सवारी के एक राउंड के 80 से 100 रुपये वसूले जाते हैं। इनमें से कई घोड़ा संचालक ऐसे हैं जोकि नगर निगम से बिना लाइसेंस लिए यह कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में जब नगर निगम को इसकी शिकायत मिली तो संपदा शाखा के इंस्पेक्टर रमेश ठाकुर की अगुवाई में सोमवार को लाइसेंस जांच का अभियान चलाया गया। दोपहर बाद की गई इस कार्रवाई के दौरान करीब चार घोड़ा संचालक ऐसे पाए गए जिनके पास लाइसेंस नहीं थे, ऐसे में नगर निगम ने इन्हें यहां से जाने को कहा और निर्देश दिए कि वह पहले लाइसेंस बनाए। इसके बाद ही वह यहां पर घोड़ों पर पर्यटकों को बैठाकर सवारी करवा सकते हैं। गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले एक घोड़ी के बिदकने के बाद इस पर सवार युवती गिरकर चोटिल हो गई थी। बाद में दोबारा से घोड़ी के बिदकने के बाद वह चर्च की ओर भाग गई थी लेकिन किसी तरह उसे पकड़ लिया गया। ऐसे में लाइसेंस धारक संचालकों को ही यहां पर घोड़ों पर सवारी करने की मंजूरी निगम द्वारा प्रदान की जाती है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि बिना लाइसेंस के किसी भी संचालकों को यहां पर घोड़े दौड़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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लाइसेंस न दिखाने के बाद घोड़ों के साथ लौटाए
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के रिज मैदान में घोड़ों की सवारी पर्यटकों की जान जोखिम में डालकर करवाई जा रही है। आलम यह है कि सोमवार को नगर निगम की टीम ने जब इन घोड़ा संचालकों के लाइसेंस की जांच की तो यह खामी सामने आई। इसके बाद निगम की टीम ने घोड़ा संचालकों को मौके से लौटा दिया।
राजधानी के रिज मैदान में करीब 19 घोड़ा संचालक पर्यटकों को घुड़ सवारी करवाते हैं। घुड़सवारी के एक राउंड के 80 से 100 रुपये वसूले जाते हैं। इनमें से कई घोड़ा संचालक ऐसे हैं जोकि नगर निगम से बिना लाइसेंस लिए यह कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में जब नगर निगम को इसकी शिकायत मिली तो संपदा शाखा के इंस्पेक्टर रमेश ठाकुर की अगुवाई में सोमवार को लाइसेंस जांच का अभियान चलाया गया। दोपहर बाद की गई इस कार्रवाई के दौरान करीब चार घोड़ा संचालक ऐसे पाए गए जिनके पास लाइसेंस नहीं थे, ऐसे में नगर निगम ने इन्हें यहां से जाने को कहा और निर्देश दिए कि वह पहले लाइसेंस बनाए। इसके बाद ही वह यहां पर घोड़ों पर पर्यटकों को बैठाकर सवारी करवा सकते हैं। गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले एक घोड़ी के बिदकने के बाद इस पर सवार युवती गिरकर चोटिल हो गई थी। बाद में दोबारा से घोड़ी के बिदकने के बाद वह चर्च की ओर भाग गई थी लेकिन किसी तरह उसे पकड़ लिया गया। ऐसे में लाइसेंस धारक संचालकों को ही यहां पर घोड़ों पर सवारी करने की मंजूरी निगम द्वारा प्रदान की जाती है। नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि बिना लाइसेंस के किसी भी संचालकों को यहां पर घोड़े दौड़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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