भड़की हिंसा: स्वागत द्वार के विवाद में खूनी संघर्ष, नाहन बना रणक्षेत्र, पुलिस पर भी बरसे पत्थर, देखें वीडियो
सिरमाैर जिला मुख्यालय नाहन में महर्षि वाल्मीकि चौक के साथ स्वागत द्वार को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को हिंसक संघर्ष में बदल गया। वाल्मीकि मोहल्ला और गोविंदगढ़ मोहल्ला के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी और कांच की खाली बोतलें फेंकी गईं।
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हिमाचल प्रदेश के सिरमाैर जिला मुख्यालय नाहन में महर्षि वाल्मीकि चौक के साथ स्वागत द्वार को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को हिंसक संघर्ष में बदल गया। वाल्मीकि मोहल्ला और गोविंदगढ़ मोहल्ला के लोग आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी और कांच की खाली बोतलें फेंकी गईं। पथराव में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय शक्ति सिंह, सदर थाना प्रभारी कुलबीर सिंह समेत करीब पांच पुलिसकर्मियों और कुल 20 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। हिंसा के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया।
दिन में हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, शाम साढ़े पांच बजे फिर से पथराव शुरू होने से तनाव दोबारा बढ़ गया। हिंसा के कारण शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को सख्ती करनी पड़ी। पुलिस बल को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजनी पड़ी। वहीं, पुलिस पर हुए पथराव के बाद स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। घटनाक्रम के चलते शहर में यातायात और जनजीवन भी प्रभावित रहा। वहीं इस दौरान एक महिला पुलिस कर्मी को फिर चोटें आईं।
तहसीलदार पर भी बरसाए पत्थर
मौके पर पहुंचे तहसीलदार नाहन उपेंद्र चौहान की किराये की गाड़ी पर भी पत्थर बरसाए गए। इसके अलावा घटनास्थल पर खड़ी दर्जनों गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा है। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ पर पानी की बोछार करनी पड़ी। शाम करीब चार बजे पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को घटनास्थल से दूर कर स्थिति शांत करवा दी थी, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद साढ़े पांच बजे फिर विवाद भड़क उठा। दोनों ओर से दोबारा पत्थरबाजी शुरू होने पर पुलिस ने लाठियां भांजते हुए दोनों पक्षों के लोगों को मौके से खदेड़ा। इस दौरान पुलिस बल पर भी पत्थर फेंके गए। घटना के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं और शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही।
यह है मामला
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे महर्षि वाल्मीकि चौक के पास विवाद की शुरुआत हुई। गोविंदगढ़ मोहल्ले के कुछ लोग पिछले वर्ष टूटे गुरुद्वारा श्री दशमेश अस्थान के स्वागत द्वार की मरम्मत के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के कुछ लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बहस बढ़ने के साथ ही दोनों ओर से लोग एकत्रित होने लगे और देखते ही देखते मामला पत्थरबाजी तक पहुंच गया। एक सरकारी विभाग की छत पर रखी पानी की टंकी भी पत्थरबाजी में टूट गई। क्षेत्र में एक कबाड़ की दुकान में आग लगाए जाने की सूचना भी सामने आई है। हिंसा की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय शक्ति सिंह और सदर थाना प्रभारी कुलबीर सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासन की ओर से उपमंडल अधिकारी नाहन राजीव सांख्यान समेत अन्य अधिकारी भी हालात संभालने में जुटे रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग की गाड़ी के साथ धौलाकुआं स्थित छठी भारतीय आरक्षित वाहिनी की दो टुकड़ियां भी मौके पर बुलाई गईं।
स्थिति नियंत्रण में, जांच के बाद होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। मौके पर पुलिस बल तैनात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों और लोगों को चोटें आई हैं। मामले की जांच के बाद दोनों गुटों के लोगों पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उपमंडल अधिकारी नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहे। घटना में 20 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।