वन भूमि कब्जाने वालों को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
हिमाचल हाईकोर्ट ने वन भूमि पर कब्जा करने वाले उन याचिकाकर्ताओं को राहत दी है, जिन्होंने 5 बीघा से अधिक भूमि खुद सरकार को सौंप दी थी। कोर्ट ने इन कब्जाधारियों के खिलाफ विभिन्न अदालतों से बेदखली के आदेशों पर भी रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने सार्वजनिक भूमि के संरक्षण व रखरखाव के लिए अधिकृत राजस्व व वन अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि कोर्ट द्वारा अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ दिए गए सभी आदेशों का सकारात्मक रूप से अनुपालन करें।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने सभी याचिकाकर्ताओं को एक सप्ताह का समय देते हुए 5 बीघा से अधिक कब्जाई भूमि छोड़ने के आदेश दिए हैं।
इन लोगों को मिली सबसे बड़ी राहत
बता दें कि ऐसे लगभग 96 कब्जाधारी हैं, जिनके खिलाफ बेदखली आदेश पारित किए गए हैं। ये कब्जाधारी सरकार की नियमितीकरण पॉलिसी का फायदा उठाने के उद्देश्य से 5 बीघा से अधिक की कब्जाई भूमि हाईकोर्ट के आदेशानुसार छोड़ने को तैयार हैं।
इससे पहले करीब 50 कब्जाधारियों ने 5 बीघा से अधिक कब्जाई भूमि सरकार के सुपुर्द कर दी थी। करीब दर्जन भर कब्जाधारियों ने अपने कब्जे छोड़ने से इंकार करते हुए अपने मामले मेरिट पर सुने जाने की गुहार लगाई, जिसे स्वीकारते हुए कोर्ट ने सभी मामलों की सुनवाई 17 जुलाई को करने के आदेश पारित किए।