हिमाचल: वीआईपी नंबरों के हिमाचली भी दीवाने, 23.50 लाख में बिके 0001 सीरीज के तीन नंबर
शिमला और मंडी आरएलए (रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथारिटी) के लिए जारी किए गए नंबर 8-8 लाख में बिके, जबकि धर्मशाला आरएलए का नंबर 7.50 लाख में बिका।
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गाड़ी के वीआईपी नंबरों के हिमाचली भी दीवाने हैं। 0001 सीरीज के तीन नंबरों की ई-ऑक्शन में ही सरकार ने 23.50 लाख की कमाई कर ली। शिमला और मंडी आरएलए (रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथारिटी) के लिए जारी किए गए नंबर 8-8 लाख में बिके, जबकि धर्मशाला आरएलए का नंबर 7.50 लाख में बिका। परिवहन विभाग ने इस साल मई माह से वीआईपी नंबरों की ई-ऑक्शन शुरू की है। 8 महीनों में विभाग अब तक वीआईपी नंबरों की ई-ऑक्शन से 9.50 करोड़ की कमाई कर चुका है। शिमला आरएलए के लिए जारी किया गया नंबर HP63F-0001 विजय कुमार सुपुत्र कस्तूरी लाल ने 8 लाख की बोली लगाकर हासिल किया है।
मंडी आरएलए के लिए जारी किया गया HP33G-0001 ओएमजी नेटवर्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 8 लाख की बोली लगाकर प्राप्त किया। धर्मशाला आरएलए के लिए जारी HP68C-0001 मोहित सुपुत्र कृष्ण कुमार ने 7.50 लाख की बोली लगाकर हासिल किया। शिमला और मंडी की ई-ऑक्शन में 2-2, जबकि धर्मशाला के नंबर की ई-ऑक्शन में 3 लोगों ने भाग लिया। बोली की शुरुआत न्यूनतम मूल्य 5 लाख की बजाय 6 लाख से शुरू हुई। इसके बाद 50,000 के साथ आगे बढ़ी। सफल बोलीदाताओं को बकाया राशि तीन दिन के भीतर 13 दिसंबर तक जमा करवानी होगी।
अन्य जिलों के लिए एक हफ्ते बाद लगेगी बोली
परिवहन विभाग अब एक हफ्ते बाद प्रदेश के अन्य जिलों के आरएलए के लिए 0001 सीरीज के नंबर ई-ऑक्शन के लिए जारी करेगा। परिवहन विभाग ने अपननी वेबसाइट https:// himachal.nic.in / transport पर 4 दिसंबर से फैंसी नंबरों के लिए ई-ऑक्शन शुरू की थी। 4 दिसंबर सुबह 10 बजे से 9 दिसंबर शनिवार शाम 5 बजे तक बोली के पंजीकरण किया गया। रविवार को ई-ऑक्शन आयोजित कर शाम पांच बजे परिणाम घोषित किए गए। इन नंबरों के लिए 5 लाख न्यूनतम बोली रखी गई थी। 1.50 लाख जमा करने के बाद बोलीदाता ई-ऑक्शन में शामिल हुए। शुरुआती पंजीकरण 2000 रुपये रखा गया था।