हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अपना रंग फिर दिखाया। रविवार को चले अंधड़ से कांगड़ा, चंबा, कुल्लू और मंडी में भारी नुकसान हुआ। कांगड़ा के डाढ़ में चलती कार पर पेड़ गिरने से कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई और चालक घायल हो गया। वहीं, मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में दारट बगला में अंधड़ के बीच चालक ने कार पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे हादसा होने पर चालक की मौत हो गई। कांगड़ा जिले में 70 मकान और 35 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
इसके अलावा चंबा में पांच गोशालाएं और एक घर की छत उड़ गई। अंधड़ से कांगड़ा के कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट हो गया। कुल्लू के 10 और चंबा में भी दर्जनों गांवों में बिजली गुल हो गई। प्रदेश में 197 ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं। चंबा में सबसे ज्यादा 96 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। लाहौल-स्पीति में 70 और किन्नौर में 24 ट्रांसफार्मर बंद हैं। प्रदेश में 15 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हो गए हैं। अंधड़ से नगरोटा बगवां में 21 मकानों, सात गोशालाओं और वाहनों के शोरूम में पांच कारों को नुकसान पहुंचा है।
उपमंडल पालमपुर में शनिवार रात आए अंधड़ से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने और खंभे गिरने से बिजली बोर्ड को 10 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि कांगड़ा-चंबा में करीब एक करोड़ का नुकसान पहुंचा है। धर्मशाला में विरासत मेले के लिए सजा पंडाल भी अंधड़ से तहस-नहस हो गया। अफरातफरी में यहां चार लोगों को चोटें आई हैं। चंबा-मंडी में नौ घर और गोशालाओं की छतें उड़ी हैं। कांगड़ा के डाढ़ में दो लोग घायल हुए हैं।
लाहौल और सिरमौर की ऊंची चोटियों पर रविवार को हिमपात हुआ है। शिमला समेत कई क्षेत्रों में बारिश से मई में भी ठंड का अहसास हो रहा है। बर्फबारी के चलते अटल टनल रोहतांग से पर्यटकों को कोकसर की तरफ नहीं भेजा गया। मनाली-लेह मार्ग दारचा तक बहाल किया गया है। मौसम केंद्र शिमला ने सोमवार के लिए हिमाचल में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी का येलाे अलर्ट जारी किया है। उधर, चंबा जिला में शनिवार रात भारी बारिश के साथ-साथ अंधड़ के कारण भटियात क्षेत्र में दो मंजिला मकान की छत्त उड़ कर 150 मीटर दूर जा गिरी। साथ ही मकान जर्जर हो गया। प्रभावित परिवार ने पड़ोसियों के घरों में रात गुजारी।
गाहर पंचायत में तीन और कहलेता वार्ड में दो गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। सलूणी और पांगी में भूस्खलन के कारण यातायात थम गया। पालमपुर मैंझा-सड़क पर पेड़ गिरने से एक वाहन चालक बाल-बाल बच गया है। मंडी जिला के सराज, नाचन और मंडी के कुछ क्षेत्र अंधड़ से प्रभावित रहे। लडभड़ोल के भलारा में गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। सराज के नाचन में सेब के पौधों पर लगाए गए नेट क्षतिग्रस्त हो गए। नकदी फसलों मटर, बैंगन को नुकसान हुआ है। कुल्लू में भी मटर की 50 फीसदी फसल खराब हो गई है। जिला कुल्लू में अंधड़ से मणिकर्ण में पांच और लगवैली में दो बिजली के ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं और करीब 10 गांवों में अंधेरा छा गया है। सिरमौर के कुछ हिस्सों में रविवार सुबह तूफान और तेज हवाएं चली।