Himachal Weather: कुल्लू और लाहौल की चोटियों पर बर्फबारी, भूस्खलन से पांच घंटे बंद रहा पांवटा-शिलाई एनएच
मनाली-लेह मार्ग पर रोहतांग, शिंकुला, बारालाचा और जिंगजिंगबार दर्रे में बर्फबारी से तापमान में गिरावट आई है। केलांग के साथ सेवन सिस्टर पीक भी बर्फ से सफेद हो गई।
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हिमाचल में येलो अलर्ट के बीच दूसरे दिन मूसलाधार बारिश से दुश्वारियों का दौर शुरू हो गया है। रविवार रात और सोमवार सुबह प्रदेश की चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ है। मनाली-लेह मार्ग पर रोहतांग, शिंकुला, बारालाचा और जिंगजिंगबार दर्रे में बर्फबारी से तापमान में गिरावट आई है। केलांग के साथ सेवन सिस्टर पीक भी बर्फ से सफेद हो गई। लाहौल के निचले क्षेत्रों में भी बारिश होने से तापमान गिर गया है। कुल्लू में भी बारिश से सेब और अनार का तुड़ान प्रभावित हुआ है। सिरमौर जिले में भूस्खलन से पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे रविवार तड़के 4:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक बाधित रहा।
इससे हेवणा में रातभर दर्जनों वाहन फंसे रहे। जिले में करीब एक दर्जन मार्ग बाधित हैं। चंबा जिले में बारिश से भरमौर-पठानकोट हाईवे पर लूणा, गैहरा, खड़ामुख के पास मलबा गिरता रहा। हालांकि, विभाग ने मशीनरी लगाकर मलबे को हटाकर वाहनों की आवाजाही बंद नहीं होने दी। चंबा-जोत वाया चुवाड़ी मार्ग कुट के समीप रविवार रात के समय भूस्खलन से बंद हो गया। मौसम खराब होने के कारण उड़ानें भी प्रभावित हुईं। सोमवार को चॉपर ने पांच उड़ानें ही भरीं। इससे चॉपर से मणिमहेश यात्रा पर निकलने की सोच रहे लोगों को निराश होना पड़ा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 24 सितंबर तक प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है।
बालद खड्ड में बढ़ा पानी, पुल पर रोकी आवाजाही
सोलन जिले के बद्दी को जोड़ने के लिए बालद खड्ड पर बने अस्थायी पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। सोमवार शाम 4:45 बजे खड्ड में जल स्तर अचानक बढ़ा और पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल को बंद करवा दिया। बद्दी में काम करने वाले कामगार और उद्योगपति शाम 5:00 बजे पिंजौर, पंचकूला, सूरजपुर और चंडीगढ़ के लिए लक्कड़ डिपो पुल, बरोटीवाला होकर रवाना हुए। डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने बताया कि जब तक जलस्तर सामान्य नहीं हुआ, पुल पर आवाजाही बंद रहेगी।
मटर की फसल पर सड़न रोग का खतरा
मंडी जिले की नाचन और सिराज घाटी में बारिश से मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है और सड़न रोग फैलने का खतरा मंडरा रहा है। नाचन और सराज में 30 हजार हेक्टेयर में मटर फसल की फसल उगाई गई है। जिला ऊना में रविवार देर रात से सोमवार दोपहर तक बारिश लगी रही। इससे खड्ड व नाले कुछ देर के लिए उफान पर आ गए। कई जगह खेतों में पानी भर गया। जिन खेतों में आलू की बिजाई पूरी हो चुकी, वहां पानी जमा होने से फसल पर संकट मंडरा रहा है। मक्की की फसल भी प्रभावित हुई है।