Himachal Weather: हिमाचल में भारी बारिश से 17 सड़कें और 13 पेयजल योजनाएं ठप, दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश में लगातार चार दिनों तक भारी बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की भी संभावना है। ऐसे में संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में लगातार चार दिनों तक भारी बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय कई भागों में 29 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। 28 व 29 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार भारी बारिश की स्थिति में पानी, बिजली व संचार जैसी आवश्यक सेवाएं बाधित हो सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की भी संभावना है। स्थानीय लोगों व पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई। लोगों से नदी-नालों के समीप नहीं जाने की अपील भी की गई है। 30 व 31 जुलाई को भी बारिश जारी रहने की संभावना है।
बादल फटने से तबाही
उधर, अटल टनल रोहतांग के पास सोमवार रात करीब 3:00 बजे बादल फटा है। टनल के साउथ पोर्टल से सटे सेरी नाला में यह बादल फटा है। इससे ब्यास नदी में बाढ़ आ गई, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। बाढ़ की चपेट में आने से दो पैदल पुल और एक सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा बह गया है। दो वाहनों, एक रेस्तरां और एक शेड (खोखे) को भी नुकसान पहुंचा है। सोलंगनाला, अंजनी महादेव और रोहतांग टनल की ओर से आने वाले सेरी नाला व अन्य सहायक नालों में बाढ़ के बाद अलर्ट कर दिया गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सायरन बजाकर सतर्क किया जा रहा है।
डंगा धंसने से एक कार 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी
सराज के ही कशीमलीधार में सड़क का डंगा धंसने से एक कार 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में चालक बाल-बाल बच गया। कीचड़ होने के कारण चालक कार से उतर गया था। चंबा जिला में भी बैरागढ़ से वाया साच पास किलाड़ मार्ग पर वाहनों की आवाजाही दोपहर 3:30 बजे के बाद रोक दी गई है। चंबा-बैरागढ़ वाया साच पास किलाड़ मार्ग पर एक माह में 16 लोगों की मौत होने के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
17 सड़कें, 13 पेयजल योजनाएं ठप
बारिश की वजह से प्रदेश भर में 17 सड़कें बंद हैं। बिलासपुर में 13 पेयजल योजनाएं और कुल्लू में दो बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। दस मकान और पांच गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। मानसून सीजन के दौरान अभी तक प्रदेश भर में 42,364 लाख रुपये की संपत्ति को नुकसान हो चुका है
कहां कितनी बारिश
क्षेत्र बारिश (मिलीमीटर में)
शिलारू 46
नारकंडा 35
सुंदरनगर 34
कोटखाई 30
नाहन 26
रामपुर 22
शिमला 17
रेणुका 16
कहां कितना तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
क्षेत्र अधिकतम न्यूनतम
ऊना 33.6 24.2
बिलासपुर 31.0 24.0
हमीरपुर 29.2 22.5
कांगड़ा 28.8 23.0
नाहन 28.3 24.1
चंबा 28.2 23.1
केलांग 25.8 12.7
धर्मशाला 24.5 20.2
कल्पा 23.0 14.3
शिमला 21.0 16.0
नदी-नालों के पास न जाएं पर्यटक
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जिला कुल्लू में भी 29 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके तहत जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर पर्यटकों को एहतियात के तौर पर नदी-नालों के पास न जाने की हिदायत दी है। प्रशासन ने ब्यास, सरवरी नदी के अलावा नालों के साथ रहने वाले प्रवासी व आम जन को भी खतरे वाली जगहों पर न जाने की हिदायत दी है। प्रशासन ने बारिश के दौरान किसी भी घटना से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क रहने को कहा है। पहले से ही भूस्खलन से अति संवेदनशील कुल्लू घाटी में चार दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि सोमवार को कुल्लू घाटी में दिनभर मौसम आम तौर पर साफ रहा। रविवार रात को हुई बारिश से जिला कुल्लू के मनाली, बंजार, सैंज सहित बाह्य सराज व लाहौल घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त रह।
भूस्खलन व मलबा आने से जिले में 12 सड़कों पर यातायात बंद है। हाईवे-305 भी बड़े वाहनों के लिए बंद होने से निगम की बसों को वाया भरठीधार होकर जिभी के लिए भेजा जा रहा है। जिस कारण बसें एक घंटा तक देरी से गंतव्य में पहुंच रही है। बरसात की बारिश से हो रहे भूस्खलन से सेब सीजन भी प्रभावित हो रहा है। इससे बागवानों का सेब समय पर मंडियों में नहीं पहुंच रहा है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जुलाई तक चार दिनों में भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। ऐसे में जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जिले में अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन की भी मौसम पर नजर रहेगी। इस दौरान किसी भी स्थिति को निपटने के लिए आनी, बंजार तथा मनाली के एसडीएम को भी सतर्क रहने को कहा गया है। बता दें कि बरसात के मौसम में जिला कुल्लू में सौ से अधिक सड़कें भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेउनशील हैं। इसके अलावा एनएच-305 भी भूस्खलन के लिहाज से खतरनाक है।