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Himachal Weather Alert: 27 जुलाई तक भारी बारिश, इन जिलों में भूस्खलन-फ्लैश फ्लड का खतरा, IMD की चेतावनी
Wed, 22 Jul 2026 10:35 AM IST
Ankesh Dogra
अशोक चौहान, शिमला।
अशोक चौहान, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 22 Jul 2026 10:35 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में 21 से 27 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर और शिमला समेत कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और नदियों के जलस्तर बढ़ने की चेतावनी देते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। पढ़ें पूरी खबर...
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बारिश के दौरान रिज मैदान पर गुजरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) शिमला केंद्र ने आगामी दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार 21 से 27 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कई स्थानों पर भारी, बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका है।
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आगामी दिनों में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को चंबा और कांगड़ा जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि शिमला में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को चंबा और कांगड़ा जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि शिमला में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
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संभावित खतरे और सावधानियां
विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), जलभराव और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बाधित हो सकती हैं तथा कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, बागवानी और कृषि फसलों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना जताई गई है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), जलभराव और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें बाधित हो सकती हैं तथा कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, बागवानी और कृषि फसलों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना जताई गई है।
आईएमडी ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। ट्रेकिंग और अन्य पर्वतीय गतिविधियों से भी फिलहाल परहेज करने का सुझाव दिया गया है।
बीते 24 घंटों में हुई बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के पालमपुर में सबसे अधिक 14 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, सिरमौर के रेणुका/ददाहू में 11 सेंटीमीटर, जट्टों बैराज में 10 सेंटीमीटर तथा नाहन, पांवटा साहिब और राजगढ़ सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के पालमपुर में सबसे अधिक 14 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, सिरमौर के रेणुका/ददाहू में 11 सेंटीमीटर, जट्टों बैराज में 10 सेंटीमीटर तथा नाहन, पांवटा साहिब और राजगढ़ सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई।
तापमान में गिरावट और सबसे ठंडा स्थान
बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पांवटा साहिब में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। कुकुमसेरी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पांवटा साहिब में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने यह भी बताया कि आगामी दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए, लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
शिमला के ओल्ड बैरियर में मकान पर गिरा पेड़, बड़ा हादसा टला
राजधानी शिमला में लगातार हो रही बारिश के बीच ओल्ड बैरियर क्षेत्र में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया। बारिश के बाद एक विशाल पेड़ अचानक उखड़कर एक मकान की छत पर जा गिरा। हादसे के समय मकान में लोग मौजूद थे, लेकिन गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
पेड़ गिरने से मकान की छत को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।
लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और पुराने या जर्जर पेड़ों के आसपास सतर्क रहने की अपील की है।
राजधानी शिमला में लगातार हो रही बारिश के बीच ओल्ड बैरियर क्षेत्र में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया। बारिश के बाद एक विशाल पेड़ अचानक उखड़कर एक मकान की छत पर जा गिरा। हादसे के समय मकान में लोग मौजूद थे, लेकिन गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
पेड़ गिरने से मकान की छत को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।
लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और पुराने या जर्जर पेड़ों के आसपास सतर्क रहने की अपील की है।