Himachal Weather: लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जारी, शिमला में भूस्खलन से गाड़ियों को नुकसान
प्रदेश में पांच दिनों तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। प्रदेश की राजधानी शिमला में भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। कई गाड़ियां भी मलबे में दब गईं।
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हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच शुक्रवार को भी लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जारी रही। राजधानी शिमला में बीते दो दिनों से जारी बारिश से शुक्रवार को कुछ राहत मिली। शहर में हल्की बूंदाबांदी ही हुई हालांकि दिन भर शहर में बादल छाए रहे। पालमपुर, कल्पा और डलहौजी में भी हल्की बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम मिलाजुला बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी हुई है। प्रदेश के मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों के मौसम में बर्फबारी और बारिश से ठंडक बढ़ गई है।
खराब मौसम को देखते हुए मनाली-लेह रूट पर सफर करने वाले वाहनों के लिए प्रशासन ने नई समय सारणी तय कर दी है। कोई भी वाहन अब दोपहर 3:00 बजे के बाद मनाली से लेह की तरफ नहीं जा सकेंगे। पुलिस और सीमा सड़क संगठन ने इस संदर्भ में इनपुट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही के लिए समय सारणी तय की है। नए समय सारणी के मुताबिक मनाली से लेह की तरफ जाने वाले वाहन दारचा से सुबह 9:00 से दोपहर 3:00 बजे तक सफर कर सकते हैं। ताजा बर्फबारी के बाद सुबह के समय बारालाचा समेत कई हिस्सों में सड़क फिसलन भरी होने से हादसे का अंदेशा बना हुआ है। गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह रोहतांग दर्रा के साथ बारालाचा सहित सीबी रेंज की पहाड़ियों में बर्फबारी हुई है। गुरुवार देर शाम तक मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग तीन में सरचू से दारचा की ओर कुल 283 वाहनों को भेजा गया। जबकि दारचा से सरचू के लिए 380 वाहन निकले।
वहीं, प्रदेश की राजधानी शिमला में भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। कई गाड़ियां भी मलबे में दब गईं।शुक्रवार सुबह शहर की खलीनी से टूटीकंडी सड़क पर रामनगर के पास पेड़ गिरने से बंद वाहनों की आवाजाही ठप रही। इससे काफी समय तक ट्रैफिक जाम रहा। स्थानीय लोगो व पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ी। ढली के इंद्रनगर क्षेत्र में भूस्खलन के चलते सड़क किनारे खड़ी कार मलबे में दब गई।
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इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
विभाग के अनुसार प्रदेश में पिछले एक सप्ताह के दौरान मानसून सामान्य के करीब बना रहा। अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रदेश में मानसून की बारिश जारी रहने की संभावना है। पांच दिन बाद मानसून के विदा होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के प्रभाव से 24-25 सितंबर को सिरमौर, सोलन, शिमला, किन्नौर, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा व कुल्लू के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 15.0, सुंदरनगर 19.4, भुंतर 17.7, कल्पा 9.5, धर्मशाला 17.2, ऊना 20.5, नाहन 19.3, केलांग 7.4, पालमपुर 17.6, सोलन 18.0, मनाली 12.6, कांगड़ा 19.3, मंडी 20.2, बिलासपुर 19.5, हमीरपुर 21.0, चंबा 17.7, डलहौजी 15.6, जुब्बड़हट्टी 17.0, कुफरी 13.3, नारकंडा 10.2, कोटखाई 15.3, रिकांगपिओ 13.5, पांवटा साहिब 23.0 और सराहन में 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इन जिलों में बाढ़ का जोखिम
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में 24 सितंबर के लिए अचानक बाढ़ का जोखिम जताया है।