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Bilaspur News: नगर परिषद शहर में लगाएगा चार प्रकार के कूड़ेदान
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सूखा-गीला कचरा के साथ सैनिटरी और हानिकारक कचरे को भी किया जाएगा अलग
वार्ड सदस्यों को घुमारवीं में दिया गया दो दिवसीय प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नगर परिषद शहर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अब कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में एकत्र करने की तैयारी कर रही है। नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत शहर में सूखे और गीले कचरे के अलावा सैनिटरी वेस्ट तथा हानिकारक कचरे को भी अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। इसके लिए चार प्रकार के कूड़ेदान लगाए जाने की योजना है।
नगर परिषद के तहत शहर में 11 वार्ड हैं और यहां की आबादी 20 हजार से अधिक है। ऐसे में कचरे के बेहतर प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नगर परिषद की ओर से इस संबंध में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हाल ही में नगर परिषद के वार्ड सदस्यों ने घुमारवीं में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रशिक्षण में नए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों और कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में एकत्र करने की जानकारी दी गई।
नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी वर्षा चौधरी ने बताया कि नए 2026 के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत अब चार श्रेणियों में कचरा अलग-अलग एकत्र करने का प्रावधान किया गया है। इसमें सूखा कचरा, गीला कचरा, सैनिटरी वेस्ट और हानिकारक कचरा शामिल है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की एसबीएम टीम के साथ पूरी रणनीति तैयार करने के बाद इस व्यवस्था को शहर में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्ड सदस्यों को इसके लिए घुमारवीं में दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद लोगों को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि वे घरों से ही कचरे को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार अलग करके दें। इससे कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ रखने में भी मदद मिलेगी।
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नई व्यवस्था को सफल बनाने में शहरवासियों की भूमिका अहम रहेगी। नगर परिषद की ओर से लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग रखने के साथ सैनिटरी और हानिकारक कचरे को भी अलग से रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। वार्ड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नई व्यवस्था की जानकारी देने की तैयारी है। परिषद का उद्देश्य कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को बढ़ावा देना और शहर में ठोस कचरा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
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वार्ड सदस्यों को घुमारवीं में दिया गया दो दिवसीय प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नगर परिषद शहर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अब कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में एकत्र करने की तैयारी कर रही है। नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत शहर में सूखे और गीले कचरे के अलावा सैनिटरी वेस्ट तथा हानिकारक कचरे को भी अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। इसके लिए चार प्रकार के कूड़ेदान लगाए जाने की योजना है।
नगर परिषद के तहत शहर में 11 वार्ड हैं और यहां की आबादी 20 हजार से अधिक है। ऐसे में कचरे के बेहतर प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नगर परिषद की ओर से इस संबंध में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हाल ही में नगर परिषद के वार्ड सदस्यों ने घुमारवीं में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रशिक्षण में नए ठोस कचरा प्रबंधन नियमों और कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में एकत्र करने की जानकारी दी गई।
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नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी वर्षा चौधरी ने बताया कि नए 2026 के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत अब चार श्रेणियों में कचरा अलग-अलग एकत्र करने का प्रावधान किया गया है। इसमें सूखा कचरा, गीला कचरा, सैनिटरी वेस्ट और हानिकारक कचरा शामिल है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की एसबीएम टीम के साथ पूरी रणनीति तैयार करने के बाद इस व्यवस्था को शहर में शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्ड सदस्यों को इसके लिए घुमारवीं में दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद लोगों को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि वे घरों से ही कचरे को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार अलग करके दें। इससे कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ रखने में भी मदद मिलेगी।
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नई व्यवस्था को सफल बनाने में शहरवासियों की भूमिका अहम रहेगी। नगर परिषद की ओर से लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग रखने के साथ सैनिटरी और हानिकारक कचरे को भी अलग से रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। वार्ड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नई व्यवस्था की जानकारी देने की तैयारी है। परिषद का उद्देश्य कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को बढ़ावा देना और शहर में ठोस कचरा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना है।