{"_id":"62f349dfbdeeb54f2775fa84","slug":"himachal-vidhan-sabha-monsoon-session-start-today-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा मानसून सत्र: बैनर में लिखे शब्दों को देख भड़के सीएम, कर्मचारी नेता से पूछा- ये क्या है?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधानसभा मानसून सत्र: बैनर में लिखे शब्दों को देख भड़के सीएम, कर्मचारी नेता से पूछा- ये क्या है?
Wed, 10 Aug 2022 06:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 10 Aug 2022 06:18 PM IST
सार
बैनर देखकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गाड़ी से उतरे और पूछा - यह क्या है। इसके बाद यूनियन के अध्यक्ष आगे आए और उन्होंने बात करना चाही, लेकिन मुख्यमंत्री गुस्सा होकर सीधे निकल लिए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नियमित पे स्केल और स्थायी नीति की मांग को लेकर बुधवार सुबह ओक ओवर शिमला पहुंचे हिमाचल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तल्ख नजर आए। यह कर्मचारी ओक ओवर के बाहर गेट पर खड़े रहे। वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए भीतर जाना चाह रहे थे, लेकिन इसी बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गाड़ी से विधानसभा के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
इन कर्मचारियों के हाथों में बैनर थे जिन पर लिखा था- अब तो आंखें खोलो सरकार। बैनर देखकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गाड़ी से उतरे और पूछा - यह क्या है। इसके बाद यूनियन के अध्यक्ष आगे आए और उन्होंने बात करना चाही, लेकिन मुख्यमंत्री गुस्सा होकर सीधे निकल लिए। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष अमीचंद ने कहा है कि करीब तीन सौ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाह रहे थे।
विज्ञापन
बाकायदा इसके लिए उन्होंने समय मांगा था, लेकिन नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एनएचएम के कर्मचारियों को सर्व शिक्षा अभियान की तर्ज पर नियमित वेतनमान देने की बात कही थी। बाकायदा सरकार ने इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसका ड्राफ्ट तैयार है, लेकिन इसे सिरे नहीं चढ़ाया जा रहा है। इसके चलते मुख्यमंत्री से गुहार लगाने के लिए कर्मचारी पहुंचे थे। इसके बाद यूनियन के पदाधिकारी विधानसभा पहुंच गए।
विज्ञापन