{"_id":"610d177dc1ac7f1fea3869ea","slug":"himachal-vidhan-sabha-monsoon-session-2021-question-hour-live-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"करुणामूलक नौकरियों के लंबित मामले निपटाने को बनेगी कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करुणामूलक नौकरियों के लंबित मामले निपटाने को बनेगी कमेटी
Fri, 06 Aug 2021 04:36 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 06 Aug 2021 04:36 PM IST
विज्ञापन
सदन में जानकारी देते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नौकरियों के लंबित मामले निपटाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। इन नौकरियों के लिए निर्धारित पांच फीसदी वाला कोटा बढ़ाने, एकमुश्त नौकरियां देने और आय सीमा को लेकर कमेटी पुनर्विचार करेगी। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के सवाल पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी दी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने करुणामूलक आश्रितों के हितों को देखते हुए सात मार्च 2019 को संशोधित नीति जारी की है। सरकार के पास करुणामूलक आधार पर कुल 2779 मामले लंबित हैं। सभी विभागों को नीति के अनुरूप करुणामूलक आधार पर उपलब्ध रिक्त पद प्राथमिकता पर भरने के निर्देश दिए गए हैं। जनवरी 2018 से जनवरी 2021 तक 706 नियुक्तियां की गई हैं। पहले करुणामूलक नौकरी तभी मिलती थी, अगर सेवाएं देते हुए किसी की मौत 50 वर्ष की आयु तक होती थी।
विज्ञापन
इसमें मानवीय दृष्टिकोण नहीं था। सरकार ने संशोधन किया कि यदि नौकरी के अंतिम दिन भी किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है तो उसके परिजन भी करुणामूलक आधार पर नौकरी के पात्र होंगे। आय सीमा 2.50 लाख रुपये की है। जुलाई 2019 तक नौकरियों के 4040 मामले लंबित थे। अब मामले 2779 रह गए हैं। विभागों में भरे जाने वाले कुल पदों का पांच फीसदी कोटा इन नौकरियों के लिए रखा गया है।
विज्ञापन
इसे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ मामले हाईकोर्ट में गए हैं। एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परिवार की पेंशन को भी आय में जोड़ा जाए। इस मामले को लेकर भी कमेटी पुनर्विचार करेगी। विधायक मुकेश अग्निहोत्री और रामलाल ठाकुर ने कहा कि शिमला में कई दिनों से करुणामूलक आश्रितों का धरना जारी है। जल्द इन्हें राहत दी जाए।
अनुबंध कर्मियों की जानकारी न मिलने पर कांग्रेस का हंगामा
प्रश्नकाल के दौरान अनुबंध कर्मचारियों से जुड़े सवाल का जवाब न मिलने पर कांग्रेस विधायकों ने खूब हंगामा किया। विधायक राजेंद्र राणा, आशा कुमारी, राकेश सिंघा, पवन नैय्यर और अनिरुद्ध सिंह ने सदन में प्रश्न लगाया था। मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि प्रश्न बहुत लंबा है। इसके पांच भाग हैं। जानकारी एकत्र की जा रही है। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि यह पिछले सत्र का स्थगित प्रश्न है।
अभी तक इसकी जानकारी एकत्र न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझ कर जवाब नहीं दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सवाल को जलेबी की तरह घुमा दिया गया है। सवाल सीधे पूछने चाहिए। कहा कि प्रश्न के कई भाग तो मूल रूप से भी गलत हैं।