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6,736.36 करोड़ रुपये और बढ़ गया इस वित्तीय वर्ष का बजट
Wed, 26 Feb 2020 06:51 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 26 Feb 2020 06:51 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 में हिमाचल सरकार का वार्षिक बजट 6,736.36 करोड़ रुपये बढ़ गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को सदन में इसी वित्त वर्ष का अनुपूरक बजट पेश किया। उन्होंने इस बजट को पारित करने की सिफारिश की। इसे आगामी दिनों में पारित किया जाएगा। पिछले साल फरवरी में सीएम जयराम ठाकुर ने 44,387.73 करोड़ रुपये के बजट अनुमान पेश किए थे, मगर इस वित्त वर्ष के पूरा होते-होते 6,736.36 करोड़ रुपये के खर्चे बढ़ गए।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को सदन में वित्तीय वर्ष 2019-20 की अनुपूरक अनुदान मांगों की प्रथम और अंतिम किस्त पेश की। बुधवार को 6,736.36 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगें सदन में पेश कीं। इनमें 3950.88 करोड़ रुपये का गैर योजना स्कीमों, 904.37 करोड़ योजनागत स्कीमों और 1881.31 करोड़ रुपये का केंद्रीय योजनाओं के लिए प्रस्ताव किया।
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गैर योजना व्यय में मुख्य रूप से 3,439 करोड़ रुपये वेज एंड मींस एडवांस के लिए प्रावधान किया गया है। 111.37 करोड़ रुपये कोर्ट के आदेशों में अनुपालना में भूमि मुआवजे, प्रतिपूरक वनीकरण के तहत सीए-एनपीए के भुगतान का प्रावधान किया गया है। 80.40 करोड़ रुपये एचआरटीसी के लंबित दायित्वों के भुगतान, हिमाचल परिवहन आधारभूत ढांचा विकास फंड की स्थापना, रोपवे कारपोरेशन को अनुदान आदि पर खर्च हो रहे हैं।
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75.66 करोड़ रुपये का भुगतान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, लघु आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान, 50 करोड़ रुपये एचपीपीटीसीएल के लिए, 39.98 करोड़ रुपये बिजली बोर्ड के लिए टैरिफ रोल बैक उपदान, 31.96 करोड़ रुपये चुनाव विभाग के लिए, 31.95 करोड़ रुपये का प्रबंध पशुपालन विभाग को गोवंश रक्षा के लिए और स्वास्थ्य विभाग में 108 एंबुलेंस सेवाओं को मदद देने के लिए किया गया।
इन योजनाओं-स्कीमों के लिए बढ़ाना पड़ा बजट
योजनाओं-स्कीमों की मदद में 200 करोड़ रुपये एचपीपीटीसीएल, 153.53 करोड़ रुपये सड़कों, पुलों, भवनों के निर्माण, 148.31 लाख रुपये भानुपल्ली-बिलासपुरी-बेरी रेल लाइन के निर्माण और शिमला शहर में बैटरी चालित बसों के लिए खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा 98.28 करोड़ रुपये का शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड मेें निवेश और मल निकासी योजनाओं के निर्माण, 55.47 करोड़ रुपये स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, 55.46 करोड़ रुपये कौशल विकास निगम, 30 करोड़ कृषि विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों के लिए, हवाई अड्डों के संचालन के लिए, सूरजकुंड क्राफ्ट मेले, पर्यटन के आधारभूत ढांचे की डीपीआर तैयार करने, हेलीपोर्ट्स के लिए 27.99 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
अनुसूचित जाति उपयोजना, ग्रामीण सड़कों और पुलों को बनाने के लिए 27.98 करोड़, 22.41 करोड़ रुपये प्रदेश सचिवालय, दिल्ली द्वारका में राज्य अतिथि गृह के लिए जमीन अधिग्रहण, 21.46 करोड़ रुपये का जनजातीय सड़कों के लिए प्रावधान किया है। 1023.96 करोड़ रुपये राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि के तहत विभिन्न कार्यों, 518.92 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और 177.67 लाख रुपये बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के लिए प्रस्तावित किए हैं।