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राहत की खबर, हिमाचल से इन पूर्वोत्तर राज्यों में भेजे जाएंगे बंदर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 27 Oct 2016 12:03 AM IST
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प्रदेश के किसानों-बागवानों और आम लोगों के लिए मुसीबत बन चुके बंदरों को मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। तीनों प्रदेशों की सरकारों की बंदरों को लेने की इच्छा जताने के बाद वन विभाग इन्हें ट्रांसपोर्ट करने और उसका खर्च वहन को लेकर कवायद में जुट गया है।
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विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अगले एक महीने में बंदरों की संख्या और उन्हें भेजने को लेकर वहां की सरकारों से अंतिम सहमति बनने पर भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदेश सरकार की ओर से बंदरों की संख्या और उनके आतंक को कम करने की सारी कोशिशों के बेकार होने के बाद विभाग ने केंद्र सरकार के जरिये पूर्वोत्तर के प्रदेशों की सरकारों से वहां कुछ बंदरों को छोड़ने की अपील की थी।
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इसके बाद अब तीन राज्यों मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड ने बंदर लेने की इच्छा जताई है। हालांकि, कितनी संख्या में बंदरों को हिमाचल से वहां भेजा जाएगा, इस पर विस्तृत चर्चा आगे होनी है। तीन राज्यों के राजी होने के बाद हिमाचल वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
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हर प्रयास हो रहा था विफल
प्रदेश में अभी तक बंदरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें बंदरों की नसबंदी से लेकर उनको प्रदेश के दूसरे स्थानों में ले जाकर छोड़ने की कवायद शामिल है। इसके अलावा हाल में राज्य सरकार ने उन्हें वर्मिन घोषित कर
लोगों को मारने के लिए मौका भी दिया। वहीं, बंदर मारने पर पांच सौ रुपये का इंसेंटिव तक देने की घोषणा की गई, लेकिन धार्मिक आस्था व मारने पर होने वाले कानूनी विवादों से बचने के लिए लोगों ने एक भी बंदर को नहीं मारा। ऐसे में उनका हर प्रयास विफल हो रहा था।
किसानों-बागवानों को हो रहा था नुकसान
विभागीय सूत्रों की मानें तो बंदरों के उत्पात के चलते प्रदेश के बड़ी संख्या में किसानों बागवानों को हर साल लाखों रुपये की फसलों और बागवानी को नुकसान हो रहा था। इसकी वजह से काफी संख्या में किसानों ने खेती छोड़ी दी थी। जिसके बाद बंदरों को नियंत्रित करना पिछले चुनाव के दौरान बड़ा मुद्दा बन गया था।