भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के समीप गलवां में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प में शहीद भारतीय सेना के 20 जवानों में शामिल हिमाचल के हमीरपुर के अंकुश ठाकुर की पार्थिव देह ऊना में पहुंचते ही लोगों ने भारत माता की जय और चीन मुर्दाबाद के नारे लगाए।
इस अवसर पर लोगों ने ऊना के रेड लाइट चौक के पास शहीद अंकुश को लोगों ने श्रद्धांजलि दी और पुष्पवर्षा की। डीसी संदीप, एसपी कार्तिकेयन, सैनिक कल्याण बोर्ड के उप निदेशक सेवानिवृत्त मेजर रघुवीर समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने शहीद की पार्थिव देह को पुष्प चक्र व पुष्प अर्पित किए।
वहीं, प्रदेश के प्रवेशद्वार मैहतपुर पर शहीद अंकुश को लोगों ने श्रद्धांजलि दी। उनके पार्थिव देह पर पुष्पवर्षा की। मातृभूमि पर कुर्बान हुए हमीरपुर के शहीद अंकुश ठाकुर का पार्थिव शरीर जैसे ही मैहतपुर प्रवेशद्वार पहुंचा, शिवसेना तथा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, अंकुश तेरा नाम रहेगा के नारे लगाए।
शिवसेना के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष शविदत्त वशिष्ठ, हरीश अटवान, राजीव मेनन, भाग सिंह ठाकुर, सुरेश कुमार, गुलजार सिंह, तथा मैहतपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष ऐरी, महासचिव संजय भारद्वाज, संजीव सचदेवा, चेयरमैन दीपक द्विवेदी समेत कारोबारियों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। बता दें शहीद अंकुश अपनी खुद की कमाई के पैसों से गांव में घर के लिए थोड़ी सी जमीन और लग्जरी कार खरीदना चाहते थे। इसका जिक्र वह हमेशा अपने माता-पिता से घर पर और फोन पर किया करता था।
परिवार वर्ष 2021 में अंकुश ठाकुर की शादी की तैयारियों में जुटा था। माता-पिता की शादी के 10 वर्ष बाद अंकुश ठाकुर के रूप में पहली संतान हुई थी। शादी के काफी समय बाद औलाद होने पर माता-पिता ने बड़े प्यार दुलार से बेटे की परवरिश की। पढ़ाया-लिखाया और जब वह 20 वर्ष का हुआ तो सेना में भर्ती हो गया। अंकुश से छोटा बेटा आदित्य भी अपने भाई से उम्र में 10 वर्ष छोटा है।