हिमाचल: तकनीकी शिक्षा का डिप्लोमा अब 12वीं विज्ञान के समकक्ष, पाठ्यक्रमों में शामिल होंगे नए विषय
तकनीकी शिक्षा बोर्ड की ओर से प्रदान किए जाने वाले डिप्लोमा को बारहवीं कक्षा के विज्ञान संकाय के समकक्ष मान्यता दिलाई जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा बोर्ड की ओर से प्रदान किए जाने वाले डिप्लोमा को बारहवीं कक्षा के विज्ञान संकाय के समकक्ष मान्यता दिलाई जाएगी। इस पहल से तकनीकी शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिक अवसर मिलने की संभावना है। सोमवार को राज्य सचिवालय में सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया गया। इसके अलावा बोर्ड ने निर्णय किया कि वर्ष 2020 के बाद फार्मेसी में डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप डिप्लोमा प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे, जिससे उनकी योग्यता राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रहेगी। तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 14 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। इस दौरान तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
अन्य राज्यों के शैक्षणिक बोर्डों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के निर्देश
सचिव ने बोर्ड की ओर से आयोजित परीक्षाओं में उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को देश के अन्य राज्यों के शैक्षणिक बोर्डों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर तकनीकी शिक्षा बोर्ड की परीक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाया जा सकता है। अभिषेक जैन ने बोर्ड और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न बहु-तकनीकी संस्थानों और अन्य संबद्ध संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
पाठ्यक्रमों में शामिल होंगे नए और उभरते विषय
तकनीकी शिक्षा को उद्योगों और रोजगार बाजार की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप बनाने पर भी बैठक में जोर दिया गया। सचिव ने निर्देश दिए कि बहु-तकनीकी संस्थानों में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा कर उन्हें अपडेट किया जाए। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, नई तकनीकों और उद्योग आधारित कौशल से जुड़े नवीनतम विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जाए।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर फोकस
बैठक में सहमति बनी कि तकनीकी शिक्षा बोर्ड केवल परीक्षाएं आयोजित करने तक सीमित न रहकर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, संस्थागत निगरानी मजबूत करने और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।