इस साल नहीं होंगे हिमाचल शिक्षक महासंघ के चुनाव, ये है वजह
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हिमाचल शिक्षक महासंघ ने वर्तमान कार्यकारिणी के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। ऐसे में इस साल महासंघ के चुनाव नहीं होंगे। शनिवार को राजधानी शिमला में महासंघ ने 33वां स्थापना दिवस मनाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रेम शर्मा ने की। इस अवसर पर महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष और मुख्य संरक्षक प्रो. यशवंत सिंह राणा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।
इस दौरान आयोजित बैठक में छात्रहित, शिक्षा हित, शिक्षक हित और राष्ट्र हित को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वर्तमान कार्यकारिणी का एक साल के लिए कार्यकाल बढ़ाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
बताया गया कि वर्तमान राज्य कार्यकारिणी का कार्यकाल इस महीने समाप्त होने जा रहा है। इस अवसर पर सभी प्राथमिक स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।
बच्चों की देखभाल के लिए नर्सरी प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्तियाें की मांग की गई। केंद्र और राज्य सरकार से पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की गई। शिक्षक महासंघ के नेताओं ने कहा कि नई पेंशन योजना से कर्मचारी ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
सरकार से मांग की गई कि प्रदेश के दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की नियुक्तियां जल्द की जाएं। नई शिक्षा नीति के लिए सभी पंजीकृत संगठनों के सुझाव लेने की भी सरकार से मांग की गई।
राजनीतिक आधार पर शिक्षकों को प्रताड़ित करने का बैठक में कड़ा विरोध किया गया। सरकार से मांग की गई कि इस तरह की गतिविधियों को तुरंत रोका जाए। बैठक के माध्यम से सरकार से सभी वर्गों की लंबित पदोन्नतियां भी जल्द देने की मांग की गई।
बैठक में महासचिव लायक राम शर्मा, संगठन सचिव नरोत्तम शर्मा, उप प्रधान जीत राणा, महिला प्रमुख सरोज, जिला शिमला प्रधान सुरेश ठाकुर, सलाहकार खेम राम भंडारी, सदानंद, पूनम शर्मा, चंद्रशेखर, नरेेश छाजटा, सुरेंद्र शर्मा, नीतिका शर्मा, वंदना कपूर, पूजा शर्मा, आदित्य शर्मा सहित कई अन्य मौजूद रहे।