Himachal Disaster: आपदा प्रभावित परिवारों को सस्ता ऋण दिला सकती है प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा के दृष्टिगत सरकार प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने के दृष्टिगत ऋण पुनर्संरचना के विकल्प पर विचार कर रही है।
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आपदा से प्रभावित परिवारों को सरकार सस्ते ऋण दिला सकती है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा के दृष्टिगत सरकार प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने के दृष्टिगत ऋण पुनर्संरचना के विकल्प पर विचार कर रही है। उन्होंने एक व्यापक कार्य योजना की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने सभी प्रशासनिक सचिवों को लंबित परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे इनका लाभ लोगों तक शीघ्र पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं और प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को शिमला में सभी प्रशासनिक सचिवों की ‘मंडे मीटिंग’ की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों से कार्य निष्पादन में तेजी लाने के दृष्टिगत ई-फाइल प्रणाली का उपयोग करने को कहा। उन्होंने सुख आश्रय योजना की समीक्षा कर कहा कि राज्य में हाल ही में 3,671 अनाथ बच्चों का नामांकन हुआ है और इन सभी को इस योजना के दायरे में शामिल करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क सहित आगामी परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने गत ‘मंडे मीटिंग’ में जारी दिशा-निर्देशों पर की कार्रवाई पर भी चर्चा की। इस बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा सहित अन्य प्रशासनिक सचिव उपस्थित रहे।
विभिन्न विभागों के विश्राम गृहों की दरों में समानता लाने के निर्देश दिए
सीएम ने विभिन्न विभागों के विश्राम गृहों की दरों में समानता लाने के निर्देश दिए और कहा कि विश्राम गृहों की बुकिंग भी ऑनलाइन की जाएगी, जिससे इसमें भी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने राज्य में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए पौधरोपण के साथ-साथ पौधों को बचाए रखने के लिए एक उन्नत प्रणाली विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना वक्त की मांग है और वन विभाग को इस दिशा में तत्परता से कार्य करना चाहिए।
सेब से सिरका, वाइन बनाने के लिए संयंत्र की स्थापना पर विचार करे संबंधित विभाग
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल परियोजनाओं में यूवी-तकनीक आधारित फिल्टर प्रणाली के कार्यान्वयन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग को इस पर समयबद्ध कार्य करना चाहिए। उन्होंने प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाओं की भी समीक्षा की और उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अतिरिक्त सेब से सिरका और वाइन उत्पादन के लिए एक संयंत्र की स्थापना पर विचार करे। टमाटर प्यूरी, पपीता पाउडर और आलू का पेस्ट जैसे उत्पाद तैयार करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएं।