निजी स्कूल की मनमानी: फीस जमा नहीं करवाने पर देरी से परीक्षा में बैठाए विद्यार्थी
उच्च शिक्षा उपनिदेशक जगदीश नेगी ने बताया कि अभिभावकों ने फोन पर मामले की जानकारी दी है। अभिभावकों को गठित पीटीए की सहमति से लिखित शिकायत पत्र सौंपने के लिए कहा है।
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सोलन के एक निजी स्कूल में फीस जमा न करवाने पर नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा में देरी से बैठाया गया। अभिभावकों के विरोध पर एमआरएडीएवी स्कूल प्रबंधन ने सभी बच्चों को परीक्षा में बैठाया। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर फीस जमा न करवाने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए सिर्फ आधा घंटे का समय देने का आरोप लगाया है। स्कूल प्रबंधन कोविड के बीच ऑनलाइन कक्षाएं लगाने पर भी कंप्यूटर, साइंस प्रैक्टिकल की फीस मांग रहा है। बच्चों ने ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान इस तरह की कक्षाएं स्कूल में नहीं लगाई हैं।
नरेश शर्मा, कविता ठाकुर और बीआर नेगी आदि अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को फीस को लेकर अपमानित किया गया है। कुछ बच्चों को परीक्षा में बैठाया गया था, जबकि फीस न देने वाले बच्चों को परीक्षा हाल से बाहर रखा गया। स्कूल प्रबंधन ने शुल्क जमा कराने के लिए फोन किए, जिससे बच्चों को शर्मिंदा होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि विरोध के बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को परीक्षा में बैठाया, लेकिन परीक्षा देने के लिए सिर्फ आधे घंटे का समय ही दिया गया। इससे पूर्व भी कोरोना काल में संबंधित स्कूल सहित जिले के अन्य स्कूलों में शुल्क को लेकर अभिभावकों ने प्रदर्शन तक किए हैं। बीबीएन में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। बच्चों को स्कूल से निकाल भी दिया गया था।
किसी विद्यार्थी को परीक्षा देने से नहीं रोका: प्रिंसिपल
एमआरएडीएवी स्कूल प्रधानाचार्य मासूमा सिंघा ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठाया गया है। बच्चों से सितंबर की फीस ली जा रही है। कोविड के बीच ऑनलाइन शिक्षा दी गई है। स्कूल स्टाफ सहित अन्य खर्च भी हुए हैं। फीस जमा न कराने को लेकर अभिभावकों को स्कूल से फोन जरूर किया गया था, लेकिन किसी विद्यार्थी को परीक्षा देने से नहीं रोका गया।
संज्ञान में मामला, फोन पर मिली जानकारी : नेगी
उच्च शिक्षा उपनिदेशक जगदीश नेगी ने बताया कि अभिभावकों ने फोन पर मामले की जानकारी दी है। अभिभावकों को गठित पीटीए की सहमति से लिखित शिकायत पत्र सौंपने के लिए कहा है। इसके बाद विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।