Himachal Snowfall: पहली बार मई माह में बर्फबारी से लद रही कबायली घाटी पांगी, किलाड़ में 10 सेंमी तक गिरी बर्फ
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मई में पहली बार हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र पांगी की पहाड़ियां बर्फ से लदकद हो गई हैं। कबायली क्षेत्र पांगी के सुराल में 30 सेंमी और किलाड़ में 10 सेंमी तक ताजा बर्फबारी हुई है। इससे क्षेत्र में शीतलहर की प्रकोप काफी बढ़ गया है। इतना ही नहीं, किलाड़ मुख्यालय में हुई बर्फबारी के चलते क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई। इससे लोगों को पैदल आवाजाही कर अपने गंतव्यों का रुख करना पड़ा। कुल मिला कर यातायात व्यवस्था बंद होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
गौर रहे कि जनजातीय क्षेत्र पांगी में बर्फबारी से जिंदगी काफी कठिन हो गई है। लोग अभी तक गर्म वस्त्रों को नहीं छोड़ पा रहे हैं। पांगी में बर्फबारी के बाद सोमवार को किसी भी रूट पर एचआरटीसी बस सेवाएं सुचारु नहीं रह पाईं। लोग के घरों की छतें बर्फ से लकदक हो गई हैं। पांगी के किलाड़ से प्रेगा, पुंटो, धरवास, छलौली, लुज, हुड़ान, करयूनी, सेचूनाला, हिलुटवान मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं और खाद्य सामग्री को खरीदने के लिए मीलों का पैदल सफर तय करना पड़ा। दोपहर बाद मौसम में बदलाव के बाद किलाड़ मुख्यालय में गिरी बर्फ पिघलने से लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश और अंधड़ में उड़ीं स्कूल और मकान की छतें
वहीं, विकास खंड तीसा में सोमवार शाम के समय भारी बारिश और अंधड़ से राजकीय प्राथमिक पाठशाला ब्रुईला के भवन की छत और आयल पंचायत के चौहाली निवासी व्यक्ति के चार कमरों की छत उड़ गई। गनीमत रही कि जिस समय अंधड़ से विद्यालय और मकान की छतें उड़ीं उस दौरान स्कूल और घरों में कोई नहीं थे अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। खैर अब स्कूल की छत उड़ जाने से बच्चों को मंगलवार को कक्षाएं खुले आसमान तले ही लगानी पड़ेंगी। वहीं, मकान की छत उड़ जाने से प्रभावित परिवार को पड़ोसियों के घर में सोमवार की रात काटनी पड़ेगी। स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग और प्रभावित ने पंचायत प्रतिनिधियों और चुराह प्रशासन को घटना के बारे में अवगत करवा दिया है।
येलो अलर्ट ने जिलावासियों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। चुराह उपमंडल के ग्राम पंचायत आयल के गांव चौहाली में चार कमरों के मकान की छत उड़कर दूर खेतों में जा गिरी। प्रभावित रहमतुल्लाह पुत्र निजामुद्दीन ने बताया कि किसी काम के सिलसिले में वह और उसका परिवार कहीं दूसरी जगह गया हुआ था लेकिन मकान की छत उड़ने की सूचना मिलने के बाद वे जैसे-तैसे कर घर पहुंचे। यहां का मंजर देखकर उनके पांव तले जमीन ही खिसक गई। मकान की छत उड़ जाने से भीतर रखा सारा सामान भी खराब हो गया है। अब मजबूरन सोमवार की रात उन्हें पड़ोसियों के घरों में ही गुजारनी होगी। प्रभावित ने चुराह प्रशासन से यथासंभव सहायता करने की मांग उठाई है।