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Himachal News: हिमाचल में सेवारत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा, शिक्षा विभाग के निर्देश

Tue, 21 Jul 2026 02:30 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 21 Jul 2026 02:30 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सेवारत शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। विभाग ने जिला उप निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि बिना TET शिक्षकों की सूची तैयार की जाए। ऐसे शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक परीक्षा पास करनी होगी। विभाग शिक्षकों की प्रगति का रिकॉर्ड रखेगा और रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी।

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himachal service teachers must pass tet by 2028 education department order
शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में, हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने राज्य के सेवारत शिक्षकों को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों (प्रारंभिक शिक्षा) को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में कार्यरत उन सभी शिक्षकों की सूची तैयार करें जिन्होंने अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं की है।

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समय सीमा का विस्तार: शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी पात्र सेवारत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक अनिवार्य रूप से टेट उत्तीर्ण करनी होगी। यह निर्णय शिक्षकों को अपनी योग्यता पूरी करने के लिए पर्याप्त समय प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
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जागरूकता और प्रचार-प्रसार: शिक्षकों को टेट परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि उपलब्ध प्रत्येक टेट परीक्षा कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार हो, ताकि अधिक से अधिक शिक्षक इस अवसर का लाभ उठा सकें।

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जिला स्तर पर निगरानी: जिला स्तर पर शिक्षकों की प्रगति का नियमित रिकॉर्ड रखा जाएगा। की गई कार्रवाई और प्रगति की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर निदेशालय को भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उन सेवारत शिक्षकों की पहचान करना है जो अभी तक टेट अर्हता प्राप्त नहीं कर पाए हैं, और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर यह योग्यता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवसर और निर्देश प्रदान करना है। यह आदेश सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के प्रशासनिक अनुपालन हेतु जारी किया गया है।

शिक्षा विशेषज्ञों की राय: शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित शिक्षक योग्यता मानकों का पालन भी सुनिश्चित होगा।

जिम्मेदारी और भविष्य: अब प्रदेश के सभी संबंधित शिक्षकों और जिला शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे विभाग के इन निर्देशों का समयबद्ध पालन करें, ताकि 31 अगस्त 2028 तक सभी पात्र सेवारत शिक्षक टेट की अनिवार्य योग्यता पूरी कर सकें। यह कदम न केवल सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी एक अहम पहल है।
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