स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने सरकार से उठाई ये मांग, बैठक में हुआ मंथन
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प्रदेश स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन की बैठक हमीरपुर में आयोजित की गई।प्रदेश स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व सैनिकों की वरिष्ठता संबंधित फैसले को वर्ष 1997 से सभी विभागों में लागू करने की मांग उठाई।
एसोसिएशन की बुधवार को संघ के प्रदेश महासचिव संजीव ठाकुर की अध्यक्षता में रावमापा बाल स्कूल हमीरपुर परिसर में बैठक हुई। इसमें उनकी कई समस्याओं पर मंथन किया गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2010 में स्कूल लेक्चरर पदनाम को खत्म कर पीजीटी किया गया था, जिसका संघ विरोध करता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से दोबारा स्कूल लेक्चरर पदनाम बहाल करने, स्कूल लेक्चरर से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति कोटा संख्या के आधार पर निर्धारित करने, एक वर्ष से लटकी
पदोन्नति सूची जारी करने, 4-9-14 की वेतन विसंगतियां दूर करने, अनुबंध के बाद नियमित हुए स्कूल लेक्चरर को उनका न्यूनतम वेतन 16290 रुपये देने, पीएचडी व एमफिल डिग्री धारक स्कूल लेक्चरर को अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने और एनपीएस के बजाय पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग गई।
एसएमसी के बजाय आयोग से हों शिक्षकों की भर्तियां
इस मौके पर जिला महासचिव गौतम राणा, तेज सिंह, डॉ. प्रकाश चंद, भूपेंद्र ठाकुर, डॉ. राजगीर और वित्त सचिव संजय भट्टी समेत अन्य मौजूद रहे।एसोसिएशन ने कैबिनेट बैठक में एसएमसी के माध्यम से शिक्षकों की भर्तियों के संबंध में लिए निर्णय का विरोध करते हुए कर्मचारी चयन आयोग से भर्तियों की मांग की है।
जिससे स्कूलों में प्रशिक्षित अध्यापक नियुक्त हों और छात्रों को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध मिले।साथ ही संघ ने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि केवल शिक्षकों की बजाय सभी विभागों के लिए ठोस तबादला नीति बनाई जाए। संघ ने स्कूलों में स्थापित बायोमिट्रिक हाजिरी मशीन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्कूलों में काफी सुधार आया है।