{"_id":"61e0098588dea15db715e4cd","slug":"himachal-school-education-board-s-decision-now-vocational-teachers-will-evaluate-answer-sheets","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल शिक्षा बोर्ड का फैसला: अब वोकेशनल अध्यापक करेंगे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल शिक्षा बोर्ड का फैसला: अब वोकेशनल अध्यापक करेंगे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
Fri, 14 Jan 2022 11:50 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 14 Jan 2022 11:50 AM IST
सार
प्रदेश के स्कूलों में हर वर्ष नए वोकेशनल विषय शुरू किए जा रहे हैं। इन विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करवाने के लिए रखी गई करीब 10 वर्ष अनुभव की शर्त पूरी नहीं हो रही थी। ऐसे कई विषय हैं, जिन्हें शुरू हुए अभी दो से तीन साल ही हुए हैं।
विज्ञापन
उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन(सांकेतिक)
विस्तार
वोकेशनल विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब स्कूलों में तैनात वोकेशनल अध्यापक भी कर सकेंगे। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने यह फैसला मूल्यांकन के लिए निर्धारित नियम के अनुसार अध्यापन अनुभव प्राप्त अध्यापक न मिलने पर लिया है। प्रदेश के स्कूलों में हर वर्ष नए वोकेशनल विषय शुरू किए जा रहे हैं। इन विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करवाने के लिए रखी गई करीब 10 वर्ष अनुभव की शर्त पूरी नहीं हो रही थी। ऐसे कई विषय हैं, जिन्हें शुरू हुए अभी दो से तीन साल ही हुए हैं। ऐसे में बोर्ड ने उन सभी अध्यापकों को मूल्यांकन के लिए उनकी नियुक्ति की तिथि से ही पात्र मान लिया है।
विज्ञापन
प्रदेश के कई स्कूलों में 12वीं तक वोकेशनल विषय पढ़ाए जा रहे हैं। दसवीं और 12वीं कक्षा में इन विषयों की बोर्ड परीक्षाएं स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से करवाई जाती हैं, लेकिन परीक्षाओं के बाद विषयों की प्राप्त उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान बोर्ड को मूल्यांकन के लिए बोर्ड के नियमानुसार निर्धारित अध्यापन अनुभव प्राप्त अध्यापक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। दसवीं और जमा दो के वोकेशनल के इन विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में दिक्कत आ रही थी।
विज्ञापन
बोर्ड ने दसवीं और जमा दो के वोकेशनल विषयों को पढ़ाने के लिए नियुक्त अध्यापकों को उनकी नियुक्ति की तिथि से मूल्यांकन कार्य के लिए पात्र मान लिया है। बोर्ड ने यह फैसला मूल्यांकन के लिए नियमानुसार निर्धारित अध्यापन अनुभव प्राप्त अध्यापक उपलब्ध न होने की स्थिति में लिया है। प्रदेश में कई वोकेशनल विषय शुरू हुए अभी दो से तीन साल ही हुए हैं। - डॉ. सुरेश कुमार सोनी, अध्यक्ष, एचपी बोर्ड
विज्ञापन