बोर्ड परीक्षाओं में आसानी से पास हो सकेंगे, नंबर लेना मुश्किल, पढ़ें पूरा मामला
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने निम्न और मध्य स्तर के बच्चों को पास करने के लिए फार्मूला तैयार कर दिया है। फार्मूले के तहत निम्न और मध्य स्तर के बच्चे आसानी से पास हो सकेंगे। लेकिन परीक्षा में अच्छे अंक लेने के लिए बच्चों को सही तैयारी करनी होगी।
बोर्ड नौवीं से 12वीं कक्षा की मार्च-2020 की वार्षिक परीक्षाओं से 40:40:20 फार्मूले से प्रश्नपत्र का पैटर्न तैयार करेगा। 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा होती है, जबकि नौवीं और 11वीं की परीक्षा के लिए भी बोर्ड ही पेपर तैयार करके देता है।
इसमें 40-40 फीसदी प्रश्न औसत से कम और औसत श्रेणी वाले होंगे, जबकि 20 फीसदी प्रश्नों का आधार उच्च और कठिन होगा। वार्षिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र बोर्ड की निर्धारित पुस्तकों और पाठ्यक्रम से ही होंगे।
निजी प्रकाशकों, सहायक पुस्तकों और गाइड से वार्षिक परीक्षाओं में प्रश्न नहीं डाले जाएंगे। 40:40:20 अनुपात में तैयार होने वाले प्रश्नपत्रों में 40 फीसदी प्रश्न औसत से निचले स्तर के होंगे।
हिंदी और अंग्रेजी में तैयार होंगे प्रश्नपत्र
इसमें जमा दो फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित, बायोलॉजी, जियोग्राफी, लेखांकन, हिंदी एवं इतिहास, 10वीं की गणित, सोशल साइंस और साइंस एडं टेक्नोलॉजी के प्रश्नपत्रों में दस फीसदी प्रश्न मल्टीपल च्वाइस के होंगे।
40 फीसदी प्रश्न औसतन और 20 फीसदी कठिन होंगे। बोर्ड सचिव धर्मेश कुमार रामोत्रा ने बताया कि वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने को अध्यापकों को गाइडलाइन जारी की गई हैं।
जमा एक और जमा दो के फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित और बायोलॉजी के प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशित होंगे। पांचवीं का ईवीएस और गणित, आठवीं का ईवीएस, गणित, सोशल साइंस और साइंस का प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगा।
सभी सीरीज में होंगे अलग-अलग प्रश्न
पूर्व में एक प्रश्नपत्र की तीन सीरीज में प्रश्नपत्रों का क्रमांक बदलकर कई बार एक ही प्रश्न तीनों सीरीज में डाल दिया जाता था, लेकिन अब हर सीरीज में अलग प्रश्न होंगे और पिछले साल पूछे गए प्रश्न इस बार दोहराए नहीं जाएंगे।