फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal school and college Girls using hookah for Smoking

हिमाचल की फिजाओं में घुल रहा नशे का जहर, हुक्का से नशा कर रहीं युवतियां

Sun, 26 Jun 2016 10:35 AM IST
सतीश वालिया/अमर उजाला, धर्मशाला
सतीश वालिया/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Sun, 26 Jun 2016 10:35 AM IST
विज्ञापन
Himachal school and college Girls using hookah for Smoking

देवभूमि हिमाचल की फिजाओं में नशे का जहर घुलने लगा है। नौजवानों के साथ-साथ स्कूली छात्र-छात्राएं भी नशे की आदी होते जा रहे हैं। हिमाचल में देश के नामी शहरों में होने वाली रेव और क्लब पार्टियों का प्रचलन भी बढ़ गया है। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के मैकलोडगंज में युवक-युवतियों में स्टैंडर्ड हुक्का पीने का प्रचलन बढ़ गया है।

विज्ञापन


स्थानीय युवक-युवतियों के साथ विदेशी महिलाएं भी स्टैंडर्ड हुक्का पीने की आदी हो गई हैं। तनाव कम करने के चक्कर में युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आ रही है। फोरेंसिक लैब के सूत्रों के मुताबिक हुक्का पीने के लिए खर्चा पूरा न होने पर युवतियां देह व्यापार के धंधे में भी आ रही हैं। प्रदेश भर में क्लब पार्टियों में भी ऐसे नशीले पदार्थ परोसे जा रहे हैं।
विज्ञापन


नशे की आदी हो चुकी युवतियों के साथ कथित दुराचार के मामले भी सामने आ रहे हैं। नाहन और शिमला से दो लड़कियों को क्लब पार्टियों में नशा देकर दुराचार करने का मामला सामने आ चुका है। इसके अलावा प्रदेश भर से क्लब पार्टियों में यौन शोषण के एक दर्जन मामले जांच को पहुंचे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो माह में हो चुकी है दो छात्रों की मौत

Himachal school and college Girls using hookah for Smoking

फोरेंसिक लैब शिमला के वैज्ञानिक अधिकारी डा. राजेश जंवाल के अनुसार छात्र पेंट, थिनर, गैसोलिन, नेल पॉलिश रिमूवर, क्यूकफिक्स, व्हाइट फ्ल्यूड, बूट पॉलिश, फेविकोल, आयोडेक्स को सूंघकर नशा कर रहे हैं। जब शरीर में निकोटीन की मात्रा बढ़ रही है

तो बीड़ी, सिगरेट, स्टैंडर्ड हुक्का, खैनी, गुटका, भांग, चरस, गांजा, बीयर और शराब का सेवन रहे हैं। बाद में घातक मादक पदार्थों जैसे अफीम, हेरोइन, कोकीन, एलएसडी, नींद की गोलियां आदि का सेवन करते हैं। क्रियात्मक और मनोवैज्ञानिक निर्भरता उत्पन्न होने से इनके गुलाम बन जाते हैं। दो माह में नशे के आदी दो छात्रों की मौत हो चुकी है।

दिल और गुर्दे पर पड़ता है घातक प्रभाव: पाल
फोरेंसिक लैब धर्मशाला के सहायक निदेशक एवं प्रवक्ता डा. सुरेंद्र कुमार पाल ने बताया कि नशा शरीर के आंतरिक अंगों जैसे जिगर, गुर्दे, दिल, फेफड़े, दिमाग पर घातक प्रभाव पड़ता है। इससे मानसिक, सांस के रोग, पुरुषों में नपुंसकता का बढ़ना, याददाश्त में

कमजोरी, खून की कमी, बांझपन, मुंह और गले का कैंसर, पाचन तंत्र पर कुप्रभाव, जिगर की खराबी से मौत, उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा आदि बीमारियां युवावस्था में ही मौत के मुंह में धकेल रही हैं। नशा के सेवन से रसायन जैसे एसीटोन, टालूइन, जाइलिन इत्यादि दिमाग पर अत्यधिक विनाशक प्रभाव डालते हैं। पेंट सूंघने से शिमला के दो छात्रों की मौत भी हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed