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Medicinal Plants: औषधीय पौधों से महकेंगे हिमाचल के सरकारी स्कूल, उच्च शिक्षा निदेशालय ने मांगा ब्योरा
Wed, 26 Jul 2023 06:18 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 26 Jul 2023 06:18 PM IST
सार
प्रदेश के सरकारी स्कूल जल्द ही औषधीय पौधों की खुशबू से महकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने पौधे रोपने के लिए इच्छुक स्कूलों का ब्योरा मांगा है।
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उच्च शिक्षा निदेशालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूल जल्द ही औषधीय पौधों की खुशबू से महकेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने पौधे रोपने के लिए इच्छुक स्कूलों का ब्योरा मांगा है। बुधवार को सभी जिला उप निदेशकों को जारी पत्र में शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि आयुष विभाग पौधे उपलब्ध करवाएगा। अगस्त से यह अभियान शुरू होगा। उन्होंने पौधे रोपने के लिए तैयार स्कूलों से अपनी मंजूरी से संबंधित जानकारी निदेशालय को देने के लिए कहा है।
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आयुष मंत्रालय के नेशनल मेडिसिन प्लांट बोर्ड की पहल पर स्कूलों में औषधीय पौधे रोपने का अभियान शुरू होने जा रहा है। पौधों की देखभाल करने की शर्त पर मंत्रालय की ओर से बजट दिया जाएगा।
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आयुष गार्डन बनने पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को औषधीय पौधों की जानकारी आसानी से मिलेगी। औषधीय पौधों जैसे मीठा नीम, पत्थरचट्टा, आंवला, तुलसी आदि से विभिन्न बीमारियों का घरेलू उपचार भी विद्यार्थी सीख सकेंगे। योजना के तहत कदम्ब, अशोक, अर्जुन, भृंगराज, मुलैठी, वज्रदंती और सर्पगंधा जैसे पौधे रोपे जाएंगे। सरकारी स्कूलों में आयुष गार्डन स्थापित करने के लिए आयुष विभाग की नर्सरी में लाखों औषधीय पौधे तैयार हो चुके हैं। शिमला के रोहडू, सारीबासा, हमीरपुर के नेरी, बिलासपुर के जंगल, जलोड़ा हर्बल गार्डन में औषधीय पौधों की नर्सरी तैयार की गई है। वहीं आयुष विभाग के निजी क्षेत्र में विकसित की गई नर्सरी में शामिल जिला कांगड़ा के रक्कड़, करसोग के सूरल में भी औषधीय पौधों को तैयार कर रखा गया है।
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