फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal Road Transport Corporation bears Rs 240 crore loss

HRTC की खुली पोल, बदइंतजामी से 240 करोड़ का लगा चूना

Sat, 01 Apr 2017 08:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sat, 01 Apr 2017 08:43 AM IST
विज्ञापन
Himachal Road Transport Corporation bears Rs 240 crore loss

हमेशा घाटे का रोना रोने वाले हिमाचल पथ परिवहन निगम की बदइंतजामी की पोल कैग रिपोर्ट में खुली है। एचआरटीसी की बसें जरूरत से ज्यादा तेल पी गईं। इससे निगम को करीब 240 करोड़ का चूना लगा। शुक्रवार को प्रदेश विधानसभा के पटल पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कैग रिपोर्ट पेश की। इसमें प्रदेश में सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों आदि की अव्यवस्था भी सामने आई है।

विज्ञापन


भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों के कार्यकाल में कई तरह की अनियमितताएं उजागर हुई हैं। कैग रिपोर्ट के अनुसार एचआरटीसी ने 2011-16 के बीच अखिल भारतीय औसत की तुलना में 498.38 लाख के ईंधन की अधिक खपत की। इससे 240.02 करोड़ का अतिरिक्त व्यय हुआ। कैग रिपोर्ट और भी कई खुलासे हैं।
विज्ञापन


इसके मुताबिक हिमाचल सरकार के आबकारी एवं कराधान विभाग में अधिकारियों और मोटर वाहन पंजीकरण अधिकारियों में समन्वय नहीं बनने से सभी वाणिज्यिक वाहनों को प्रदेश यात्री और माल कर अधिनियम के तहत पंजीकृत करने को सुनिश्चित न करने से 84.90 करोड़ की उगाही नहीं की जा सकी।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये अनियमितताएं भी हुईं उजागर

Himachal Road Transport Corporation bears Rs 240 crore loss
हिमाचल प्रदेश के प्रधान महालेखाकार राम मोहन जौहरी प्रेस वार्ता करते हुए। - फोटो : अमर उजाला

भूमि की लीज डीड का इस्तेमाल नहीं करवा पाने और लीज डीड रद्द नहीं करवा पाने पर सरकार को 101.80 करोड़ का नुकसान हुआ। टोल बैरियरों पर लेसीज से 51.40 करोड़ की लीज मनी की उगाही नहीं की जा सकी। आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से बिक्री केंद्रों को खोलने के लिए लाइसेंस फीस की अल्प वसूली की जा सकी। 29 लाइसेंसधारियों से 8.59 करोड़ की कम वसूली हुई।

राजस्व विभाग में गलत बाजार दर को अपनाने से 79 लाख के स्टांप शुल्क और पंजीकरण फीस की अल्प वसूली की जा सकी। परिवहन विभाग में 2012-13 से 2014-15 के लिए 11,088 वाहनों के लिए 4.09 करोड़ के सांकेतिक कर की न तो मांग की गई और न ही इन वाहन मालिकों ने इसका भुगतान किया।

एचआरटीसी, निजी स्टेज कैरिजों और अन्य राज्यों के स्टेज कैरिजों से 1.53 करोड़ वसूले गए। वन निगम में गलत दरों को लागू करने से 8.30 करोड़ की रॉयल्टी कम वसूली गई। अंतरराज्यीय बस टर्मिनल दिल्ली और पार्किंग स्थल जगतपुर के बीच डेड किलोमीटरों को लिखे जाने में हुई अनियमितताओं से मार्च 2016 से पहले के पांच साल की अवधि में 2.14 करोड़ का घाटा हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed