हिमाचल: चीन सीमा से सटा हाईवे चकाचक, 5 पुलों के निर्माण में जुटा बीआरओ
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चीन सीमा से सटे नेशनल हाईवे पांच को करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से चकाचक किया जा रहा है। इससे भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय सेना, आईटीबीपी के जवानों को लाभ मिलेगा। जिले के हजारों लोग भी इससे लाभान्वित होंगे। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) करीब 56 किलोमीटर मार्ग को चकाचक कर रहा है। जनजातीय जिला किन्नौर में विकट भौगोलिक परिस्थितियों में बीआरओ के मजदूरों ने 56 किलोमीटर नेशनल हाईवे पांच को डबल लेन किया है। संगठन ने कई स्थानों पर चट्टानों को काटा है तो कहीं सड़क किनारे पक्की सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया है। पोवारी से लेकर पूह तक करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से एनएच पांच को पक्का और चौड़ा किया गया है।
सीमा सड़क संगठन पांच पुलों का निर्माण कर रहा है। इनमें तीन पुल इसी साल बन जाएंगे, जबकि दो पुलों का निर्माण अगले साल तक पूरा होगा। 2.20 करोड़ की लागत से एनएच पांच पर पांगी के पास 40 मीटर, 1.70 करोड़ से काशंग के पास 30 मीटर, 3.50 करोड़ से किरण खड्ड पर 55 मीटर, 2.30 करोड़ से 50 मीटर और श्यासो के पास 14 करोड़ से 125 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया जा रहा है। उधर, सीमा सड़क संगठन के ओसी किन्नौर डीके राघव ने बताया कि सीमाओं पर तैनात जवानों और जिले के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा देने को संगठन गंभीर है। संगठन इस वर्ष पांगी, काशंग और किरण खड्ड पर पुलों का निर्माण पूरा करेगा। कानम और श्यासो के पास निर्माणाधीन पुल का कार्य अगले वर्किंग सीजन तक पूरा किया जाएगा। करीब 60 करोड़ रुपये से 56 किलोमीटर एनएच को चौड़ा और पक्का किया जा रहा है।